चियांकी हवाई अड्डे को लेकर झारखंड सरकार केंद्र को नहीं भेज रही प्रस्ताव : सांसद
पलामू, 25 मई (हि.स.)। पलामू में हवाई जहाज के उड़ान के लिए चियांकी हवाई अड्डे को लेकर झारखंड सरकार गंभीर नहीं है। केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने में सुस्ती बरत रही है। यह आरोप पलामू सांसद वीडी राम ने लगाया।
सोमवार को उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पलामू में उड़ान सेवा के लिए चियांकी हवाई अड्डे को शुरू करने को लेकर 27 मार्च 2025 को लोकसभा में शून्य काल के दौरान क्षेत्रीय संपर्क योजना-उड़ान (आरसीएस-उडान) के अंतर्गत शीघ्र संचालन से संबंधित मामले को उठाया था। लोकसभा में उठाए गए मामले पर 21 मई 2026 को केन्द्रीय नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल का पत्र प्राप्त हुआ है। मंत्री ने पत्र में बताया है कि राज्य सरकार से निःशुल्क जमीन उपलब्ध करवाने, सुरक्षा, अग्निशमन सेवाएं, मौसम संबंधी सहायता और हवाई अड्डा के संचालन को लेकर अनुरोध किया गया था। पूरे मामले में झारखंड सरकार ने नागर विमानन मंत्रालय को अब तक जवाब नहीं दिया है। केंद्रीय मंत्री की ओर से बताया गया है कि पलामू के चियांकी हवाई अड्डे को उड़ान परियोजना 4.2 के तहत चयन किया गया था।
केंद्रीय मंत्री की तरफ से पलामू सांसद को यह भी जानकारी दी गई है कि उड़ान योजना के अगले चरण के लिए संशोधित उड़ान योजना अनुमोदित की है, जिसके तहत 120 गंतव्य को जोड़ा जाना है। अगले 10 साल में 04 करोड़ यात्रियों को सुविधा दी जानी है। भविष्य में चियांकि हवाई अड्डा को लेकर वैध प्रस्ताव मिलता है तो संशोधित उड़ान परियोजना के तहत विचार किया जाएगा।
सांसद ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पत्र लिखकर एवं व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर चियांकी हवाई अड्डे से संबंधित प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का अनुरोध किया था लेकिन राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव नहीं भेजे जाने के कारण विमान का परिचालन प्रारंभ नहीं हो पा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार