जेईई मेंस में परीक्षा पास कराने वाले गैंग का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
रामगढ़, 30 मार्च (हि.स.)। जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन-मेंस (जेईई मेंस) की परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी कर परीक्षार्थियों को पास कराने वाले गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए परीक्षा पास करने वाले गैंग के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान लगभग 70 कंप्यूटर, तीन राउटर, एक सीपीयू, चार मोबाइल फोन और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी जब्त की गई है।
रामगढ़ एसपी अजय कुमार की सक्रियता से परीक्षा पास कराने वाला गैंग का खुलासा हुआ है। इस मामले में डीसी फैैज अक अहमद मुमताज ने पुलिस से तत्काल जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है।
इस संबंध में एसपी अजय कुमार ने बताया कि जिले के राधा गोविंद विश्वविद्यालय में जेईई मेंस की परीक्षा आयोजित होने वाली थी। 02 अप्रैल से 08 अप्रैल तक चलने वाली इस परीक्षा में चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास करने के लिए गैंग ने मोटी रकम वसूली थी। विश्वविद्यालय के कर्मचारी की सूझबूझ के कारण न सिर्फ एक बड़े गोरख धंधे का पर्दाफाश हुआ, बल्कि गलत कार्यों में संलिप्त 03 लोगों को भी गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है। गिरफ्तार लोगों में विश्वविद्यालय के कर्मचारी (टेक्नीशियन) कोठार गांव निवासी दिनेश कुमार महतो, रांची जिले के ओरमांझी थाना के ग्राम आनंदी, ठुमरटोली निवासी शकिर अंसारी और बिहार के सारन जिला अंतर्गत मकेर थाने के भाथा गांव निवासी सूरज कुमार सिंह शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से हर वर्ष जेईई-मेंस की परीक्षा आयोजित कराई जाती है। इस परीक्षा को सदाचार मुक्त संचालित करने के लिए टीसीएस को जिम्मेदारी सौंप गई थी। पिछले 04 वर्षों से रामगढ़ के राधा गोविंद विश्वविद्यालय में सी ब्लॉक में बनाए गए कंप्यूटर लैब में यह परीक्षा आयोजित होती रही है। इस वर्ष भी जब परीक्षा केंद्र के रूप में राधा गोविंद विश्वविद्यालय का नाम घोषित हुआ तो टीसीएस के कुछ कर्मचारियों ने अपने गैंग के कुछ सदस्यों के साथ मिलकर चुनिंदा विद्यार्थियों को पास कराने की योजना बनाई। टीसीएस हर वर्ष परीक्षा से 2 दिन पहले कंप्यूटर लैब के सारे सिस्टम को अपने कंट्रोल में लेता था। इसी का फायदा उठाते हुए रविवार को टीसीएस कंपनी के कर्मचारी ओरमांझी निवासी राजेश ठाकुर, पिता तारा ठाकुर अपने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय परिसर में घुसे। इस दौरान उनके साथ विश्वविद्यालय के कर्मचारी (टेक्नीशियन) दिनेश कुमार महतो भी शामिल थे। सभी लोगों ने गार्ड को टीसीएस का हवाला दिया और विद्यालय के अनुमति के बिना ही कंप्यूटर लैब में अवैध तरीके से कंप्यूटर को बदलने लगे। कुछ मॉनिटर, सीपीयू, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करने लगे।
वहीं जब विश्वविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारी उमेश कुमार साव की नजर जब लैब पर पड़ी तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने फिर देखा कि कैंपस में ही एक फॉर्च्यूनर डब्ल्यूबी 39 ई 5455 में रखा गया है और कुछ कंप्यूटर सिस्टम निकालकर लैब में लगाया जा रहा है। लैब से कुछ कंप्यूटर निकालकर गाड़ी में रखा जा रहा है। शक होने पर जब उन्होंने फॉर्च्यूनर गाड़ी के पास खड़े सूरज कुमार से पूछताछ की, तो उन्होंने धमकी देना शुरू कर दिया। लैब में जाकर जब राजेश ठाकुर और दिनेश कुमार से उमेश साव ने पूछताछ की तो उन्होंने टीसीएस के निर्देश पर जेईई मेंस की परीक्षा से पहले कुछ सिस्टम को चेंज करने की बात कही। साथ ही कुछ सिस्टम में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने के बारे में भी बताया।
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को जब शक हुआ तब उसने कैंपस इंचार्ज संजीव कुमार सिंह को सूचना दी। इसके बाद कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल को भी वहां बुलाया गया। जब राजेश ठाकुर और उनके साथियों को यह लगने लगा कि वह अब फंस सकते हैं, तो सभी भागने लगे। राजेश ठाकुर अपने एक टीसीएस कर्मचारी रवि शंकर पिता रामधारी सिंह के साथ बाउंड्री फांदकर भाग गए। लेकिन शकिर अंसारी, सूरज कुमार और दिनेश महतो पकड़े गए। सूरज कुमार भी फॉर्च्यूनर गाड़ी लेकर फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गार्ड ने मुख्य दरवाजा बंद कर दिया जिससे वह पकड़ा गया।
वहीं गिरफ्तार दिनेश महतो से जब पूछताछ शुरू हुआ तो उसने पूरा राज उगल दिया। उसने पुलिस को बताया कि राजेश ठाकुर और रविशंकर ने उन्हें जेईई मेंस में सेटिंग की बात कही थी। उन्हें मोटी रकम का लालच दिया गया था। दिनेश ने कहा कि उसे कहा गया था की सेटिंग में कुछ लड़कों को पास करने के लिए लैब का सिस्टम चेंज करना है। सिस्टम में कुछ सेटिंग करना है ताकि परीक्षा के दिन दिक्कत ना हो। रवि शंकर, राजेश और शकिर की ओर से प्रति मॉनिटर 10 हजार रुपए की राशि देने के बाद तय हुई थी।
इस मामले में राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कर्मचारी दिनेश कुमार महतो, फॉर्च्यूनर गाड़ी संख्या डब्ल्यूबी 39 ई 5455 पर सवार सूरज कुमार, टीसीएस के कर्मचारी राजेश ठाकुर, शाकिर अंसारी, टीसीएस के कर्मचारी रविशंकर, गाड़ी संख्या डब्ल्यूबी 39 ई 5455 के मालिक, छपरा जिले के काकू एवं अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इस मामले में डीसी ने जांच कमेटी बनाई है। वहीं मामले को लेकर एसडीओ अनुराग कुमार तिवारी के नेतृत्व में जांच कमेटी ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। पूरे मामले पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश