खनिज संसाधनों की प्रोसेसिंग से ही विकास संभव : जयराम

 


रांची, 25 फ़रवरी (हि.स.)। झारखंड विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान बुधवार को विधायक जयराम महतो ने कहा कि खनिज संपदा से भरपूर होने के बावजूद झारखंड में धरातल पर अपेक्षित विकास कार्य नजर नहीं आता है। उन्होंने कहा कि राज्य की खनिज संपदा से अन्य राज्यों का राजस्व बढ़ रहा है, जबकि झारखंड लौह अयस्क, अभ्रक सहित अन्य खनिजों का केवल कच्चा उत्पादन कर बाहर भेज देता है।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य में ही रॉ मैटेरियल की प्रोसेसिंग की व्यवस्था होती तो राजस्व में अधिक वृद्धि होती और रोजगार के व्यापक अवसर भी सृजित होते।

उन्होंने कहा कि उत्पाद बाहर जाने से राजस्व की क्षति हो रही है और स्थानीय बेरोजगारी बढ़ रही है। यहां प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित कर लौह अयस्क से स्टील सहित अन्य उत्पाद बनाए जा सकते हैं।

उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के बजट में सकारात्मक प्रावधानों की सराहना की, लेकिन कहा कि अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

नेतरहाट की तर्ज पर रांची में आवासीय विद्यालय की घोषणा अब तक धरातल पर नहीं उतरने पर उन्होंने निराशा जताई।

उन्होंने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का विजन होना चाहिए। कृषि को उद्योग से जोड़ना, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करना और युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना समय की मांग है। झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग पावर हाउस बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar