जैन समाज ने किया मुनिसंघ का स्वागत, श्रद्धालुओं को मिला संतों का सानिध्य
रामगढ़, 05 अक्टूबर (हि.स.)। रांची रोड स्थित पारसनाथ जिनालय में सोमवार को जैन समाज के परम पूज्य आचार्य भगवन वसुनन्दी जी के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री 108 पुनंनन्दी जी एवं मुनिश्री 108 शुभानन्द जी ससंघ का मंगल प्रवेश अत्यंत भक्तिमय वातावरण में हुआ। इस दौरान जैन समाज के श्रद्धालुओं ने मुनिसंघ का श्रद्धा और भक्ति के साथ स्वागत किया।
मुनिसंघ का पिछले चार माह से दिगम्बर जैन मंदिर रामगढ़ में मंगलकारी चातुर्मास श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ चल रहा है। चातुर्मास के दौरान मुनिसंघ के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रतिदिन श्रावकों के बीच प्रवचन के माध्यम से धर्म और आत्मशुद्धि का संदेश दिया जा रहा है।
जैन समाज के सचिव योगेश सेठी ने बताया कि चातुर्मास के दौरान मुनिराज एक ही स्थान पर चार माह तक रहकर तप, ध्यान एवं साधना के माध्यम से आत्मशुद्धि के मार्ग का अनुसरण करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के लिए यह सौभाग्य की बात है कि इस वर्ष मुनिसंघ का चातुर्मास यहां संपन्न हो रहा है। उन्होंने बताया कि समाज के अनुरोध पर मुनिसंघ ने कुछ दिनों के लिए पारसनाथ जिनालय में प्रवास करने का निर्णय लिया है। इससे रांची रोड एवं आसपास रहने वाले जैन समाज के सदस्यों को भी मुनिसंघ के सानिध्य और धर्म प्रभावना का लाभ मिल सकेगा।
मुनिसंघ के मंगल प्रवेश एवं विहार को सफल बनाने में अध्यक्ष राजेन्द्र चुड़ीवाल, देवेन्द्र गंगवाल, सुशील चुड़ीवाल, नितिन पाटनी, सुभाष सेठी, विकास रपरिया सहित समाज के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
यह जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी श्रवण जैन ने दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश