आचार्यश्री के 38वें दीक्षा दिवस पर भक्ति में डूबा जैन समाज
रामगढ़, 11 अक्टूबर (हि.स.)। दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में रांची रोड स्थित पारसनाथ जिनालय में रविवार को परम पूज्य आचार्य भगवंत वसुनंदी जी महाराज का 38वां संयम दीक्षा दिवस श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर मुनिश्री 108 प्रज्ञानंद जी एवं मुनिश्री 108 कुलानंद जी महाराज के सानिध्य में शांतिनाथ महामंडल विधान का आयोजन किया गया। इस दौरान जैन श्रद्धालुओं ने शामिल होकर आचार्यश्री के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की और धर्मलाभ प्राप्त किया।
आचार्यश्री के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री 108 प्रज्ञानंद जी एवं मुनिश्री 108 कुलानंद जी महाराज का चातुर्मास रामगढ़ में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में चल रहा है। मुनिसंघ के सानिध्य में पिछले चार महीनों से जैन समाज में धर्म, संयम और त्याग की भावना को बल मिल रहा है। इसी क्रम में आचार्यश्री के दीक्षा दिवस पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को भक्तिमय बनाने के लिए रांची के प्रसिद्ध पार्श्व गायक उदित सेठी और उनकी टीम ने भजनों की प्रस्तुति दी। जैन समाज के सचिव योगेश सेठी ने कहा कि आचार्यश्री का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत और ज्ञान की अविरल धारा के समान है। उन्होंने कहा कि आचार्यश्री की महिमा का वर्णन करना शब्दों से परे है।
कार्यक्रम के दौरान प्रथम अभिषेक का सौभाग्य मानिकचंद पाटनी परिवार तथा शांतिधारा का सौभाग्य पदमचंद सेठी परिवार को प्राप्त हुआ। विधान में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य सुभाष पाटनी और कुबेर बनने का सौभाग्य विनोद सेठी को मिला। इसके अलावा नितेश सेठी, राजू सेठी, सुरेश सेठी, प्रमोद सेठी, विमल सेठी, वीरेंद्र गंगवाल एवं राकेश पांड्या को विभिन्न इंद्र बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मुख्य कलश स्थापना उषा अजमेरा ने की।
धार्मिक आयोजन के समापन पर जैन समाज के युवा सदस्यों ने वृद्धाश्रम एवं अनाथाश्रम पहुंचकर जरूरतमंदों के बीच फलाहार वितरित किया। इस सेवा कार्य के माध्यम से समाज ने धर्म के साथ मानव सेवा का संदेश दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पदम सेठी, राजू सेठी, नितेश सेठी, निशांत सेठी, बबलू सेठी, नीरज सेठी सहित अन्य ने सराहनीय योगदान दिया।
यह जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी श्रवण जैन ने दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश