राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया पर मंत्री इरफान अंसारी ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
रांची, 10 जून (हि.स.)। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने राज्य में विपक्ष, विशेषकर भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
बुधवार को जारी बयान में इरफान अंसारी ने कहा कि विपक्ष ने अपने आचरण से यह साबित कर दिया है कि उसके लिए न नीति का कोई महत्व है, न नीयत का मूल्य और न ही सच्चाई का सम्मान। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास बना रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपना उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण एक उद्योगपति को चुनाव मैदान में उतारना पड़ा। अंसारी ने दावा किया कि संबंधित उम्मीदवार के नामांकन पत्र में गंभीर त्रुटियां होने के बावजूद उसे वैध घोषित कर दिया गया।
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी ओर एक दलित महिला उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनावी नियम और प्रक्रियाएं निर्धारित हैं, तो उनका पालन सभी उम्मीदवारों के लिए समान रूप से क्यों नहीं किया गया।
इरफान अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र में कानून और नियम किसी व्यक्ति, दल या वर्ग विशेष के लिए नहीं होते, बल्कि सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वह स्वयं दिल्ली जाकर चुनाव आयोग के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता लोकतंत्र की आधारशिला है। यदि किसी भी स्तर पर नियमों के पालन को लेकर संदेह उत्पन्न होता है, तो उसकी जांच आवश्यक है ताकि जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar