आईआरसीटीसी की लापरवाही से यात्री को 09 हजार का नुकसान
रांची, 13 जून (हि.स.)। भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकटिंग एजेंसी
आईआरसीटीसी की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रांची के अनिमेश नचिकेता नामक यात्री ने आरोप लगाया है कि 14 जून को मुंबई से हटिया के लिए चलने वाली ट्रेन के टिकट में शामिल दो यात्रियों का फर्स्ट एसी में पार्शियल कैंसिलेशन कराने के लिए उन्होंने 10 दिनों तक लगातार ईमेल और फोन के माध्यम से अनुरोध किया। लेकिन आईआरसीटीसी की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
परिणामस्वरूप रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो गया और टिकट कैंसिल नहीं हो सका। इससे अनिमेश को 09 हजार रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, 14 जून को मुंबई से हटिया जाने वाली ट्रेन को पहले रेलवे की ओर से रद्द कर दिया गया था। बाद में ट्रेन को पुनर्बहाल कर दिया गया। ट्रेन के बहाल होने के बाद टिकट में शामिल दो यात्रियों ने यात्रा नहीं करने का निर्णय लिया, जबकि अन्य यात्रियों को यात्रा करनी थी। ऐसे में अनिमेश ने टिकट का पार्शियल कैंसिलेशन कराने के लिए आईआरसीटीसी से संपर्क किया।
10 दिनों के दौरान 15 से अधिक ईमेल आईआरसीटीसी को भेजे
अनिमेश का दावा है कि उन्होंने पिछले 10 दिनों के दौरान 15 से अधिक ईमेल आईआरसीटीसी को भेजे। इसके अलावा ग्राहक सेवा केंद्र पर लगातार फोन कर मामले के समाधान की मांग की। उनका आरोप है कि हर बार कस्टमर केयर प्रतिनिधियों की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि अनुरोध पर कार्रवाई कर दी जाएगी, लेकिन वास्तव में कोई कदम नहीं उठाया गया।
अनिमेश के अनुसार, उन्होंने कई बार यह स्पष्ट किया कि ट्रेन पहले रद्द की गई थी और बाद में बहाल हुई है, इसलिए टिकट में संशोधन और पार्शियल कैंसिलेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके बावजूद मामला लंबित रखा गया और चार्ट बनने तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
लगातार फॉलो-अप के बावजूद आईआरसीटीसी ने समस्या का समाधान नहीं किया और अंततः ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो गया। चार्ट बनने के बाद टिकट का पार्शियल कैंसिलेशन संभव नहीं रह गया, जिसके कारण दो यात्रियों का पूरा किराया फंस गया और अनिमेश को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मामला यहीं नहीं रुका।
अनिमेश का कहना है कि अब वे टीडीआर भी फाइल नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। वेबसाइट काम नहीं कर रहा है।
यात्री ने अपनी शिकायत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी दर्ज कराई और रेलवे और आईआरसीटीसी के आधिकारिक हैंडल को टैग कर मदद मांगी। हालांकि, अब तक किसी भी स्तर से कोई प्रतिक्रिया या समाधान प्राप्त नहीं हुआ है।
अनिमेश ने मामले की निष्पक्ष जांच, आर्थिक नुकसान की भरपाई तथा आईआरसीटीसी की कथित लापरवाही के लिए जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने उपभोक्ता मंच और रेलवे शिकायत निवारण तंत्र का दरवाजा खटखटाने की भी बात कही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak