अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश और विश्व रेबीज दिवस पर जागरूकता अभियान का शुभारंभ

 


देवघर, 25 सितंबर (हि.स.)।

अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश दिवस और विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को आम लोगों को सर्पदंश एवं रेबीज से बचाव, समय पर उपचार तथा आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान की शुरुआत की। सदर अस्पताल, देवघर के सभागार में सिविल सर्जन डॉ एसपी मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, विभिन्न प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, शहरी सहिया सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। इस दौरान सर्पदंश एवं रेबीज जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव और समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि सर्पदंश की स्थिति में बिना समय गंवाए पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए। झाड़-फूंक, अंधविश्वास या घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। समय पर सही चिकित्सकीय उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचाव संभव है।

इसी प्रकार कुत्ते, बिल्ली या किसी अन्य संभावित संक्रमित पशु के काटने या खरोंच लगने पर घाव को तत्काल साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोने एवं बिना देरी किए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई। रेबीज से बचाव के लिए चिकित्सक की सलाह के अनुसार आवश्यक टीकाकरण कराना भी महत्वपूर्ण बताया गया।

अभियान के तहत प्रखंड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और शहरी सहिया के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को सर्पदंश एवं रेबीज से बचाव, प्राथमिक सावधानियों तथा समय पर उपचार के महत्व की जानकारी दी जाएगी।

सिविल सर्जन डॉ एसपी मिश्रा ने स्वास्थ्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अभियान को प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने की अपील की। उन्होंने आमजनों से भी सर्पदंश या पशु के काटने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने तथा झाड़-फूंक से बचने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy