पेयजल संकट को लेकर 132 जलश्रोताें की हुई मरम्मत

 




रामगढ़, 07 मई (हि.स.)। जिले में गर्मी के मौसम को देखते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति होगी। जिला प्रशासन की ओर से पहल की गई है। डीसी ऋतुराज की ओर से जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसके

जरिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मती होगी। विशेष जल पखवाड़ा शिविर के तहत अब तक जिले में कुल 132 जल स्रोतों की मरम्मती कराई गई है। जिनमें 100 चापानल, 28 जल मीनार, 01 पानी टैंकर और 03 अन्य जलापूर्ति योजनाएं शामिल हैं।

शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति करने के लिए नगर परिषद को कार्यकारी एजेंसी नामित किया गया है। 19 जल मीनारों की मरम्मती के लिए डीएमएफटी मद से कुल 29 लाख 38 हजार 500 रुपए की स्वीकृति दी गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति करने के तहत 626 चापानलों की मरम्मती के लिए डीएमएफटी मद से 92 लाख 27हजार 240 रूपए की स्वीकृति दी गई है।

जिले वासियों को जलापूर्ति करने के तहत डीसी ने जिला प्रशासन की ओर से आयोजित किए जा रहे शिविरों में मुखिया और जनप्रतिनिधियों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। इस दौरान सभी से अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जलापूर्ति संबंधित समस्याओं को शिविर के माध्यम से या जिला प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करें। ताकि समस्याओं के निराकरण पर तीव्र गति से कार्य किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि अब तक आयोजित किए गए जल पखवाड़ा शिविर के तहत जिले में कुल 287 चापानलों को मरम्मती के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें 100 चापानलों की मरम्मती की जा चुकी है। वहीं 166 जल मीनारों को मरम्मती के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें 28 जल मीनारों की मरम्मती की जा चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश