नए टैक्स एक्ट में पिछले 07 वर्षों के बुक्स ऑफ अकाउंट्स को रखना जरूरी : सीए राजेश

 


रांची, 13 मार्च (हि.स.)। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और झारखंड इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को चेंबर भवन में न्यू इनकम टैक्स एक्ट-2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों एवं हाल के परिवर्तनों पर टैक्स सेमिनार का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि मुख्य आयकर आयुक्त राजेश कुमार झा और मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर से आये सीए राजेश मेहता ने विषय पर विस्तार से जानकारी दी।

झारखंड इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद पसारी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नए आयकर अधिनियम को समझना और उसे अपने क्लाइंट्स तक सही तरीके से पहुंचाना टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे सेमिनार से टैक्स प्रैक्टिशनर्स को नए कानून को व्यवहार में लागू करने में काफी सहायता मिलेगी।

नए अधिनियम का गहन अध्ययन करें टैक्स प्रैक्टिशनर्स

वहीं मुख्य आयकर आयुक्त राजेश कुमार झा ने कहा कि सरकार की ओर से नए आयकर कानून को अधिक सरल और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स को प्रावधानों को समझने में आसानी हो। उन्होंने कहा कि कानून को सरल भाषा और व्यवस्थित संरचना में प्रस्तुत किया गया है, जिससे कम्प्लायंस भी अधिक सुगम होगा। उन्होंने टैक्स प्रैक्टिशनर्स से अपील किया कि वे नए अधिनियम का गहन अध्ययन करें और करदाताओं को इसके प्रावधानों के बारे में सही मार्गदर्शन प्रदान करें।

कानून को सरल बनाना सरकार की एक सकारात्मक पहल : आदित्य

वहीं चेंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि नए आयकर अधिनियम-2025 को लेकर व्यापारियों, उद्योगों और टैक्स प्रोफेशनल्स के बीच कई प्रकार की जिज्ञासाएं हैं। ऐसे में इस प्रकार के सेमिनार सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि कानून को सरल बनाना सरकार की एक सकारात्मक पहल है और इसके सही क्रियान्वयन के लिए टैक्स प्रैक्टिशनर्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

वहीं महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि चेंबर और बार एसोसिएशन की ओर से आगे भी ऐसी कार्यशालाओं का आयोजना किया जायेगा।

इधर, कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता सीए राजेश मेहता ने नए आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा करते हुए बताया कि यह नया कानून 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि एक्ट को अधिक व्यवस्थित और सरल बनाने के लिए कई प्रावधानों को शेड्यूल और टेबुलर फॉर्म में प्रस्तुत किया गया है, जिससे कानून को समझना आसान होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि नए एक्ट में व्यवसायियों के लिए पिछले 07 वित्तीय वर्षों के बुक्स ऑफ अकाउंट्स सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण में कैपिटल गेंस के प्रावधान, जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट के प्रावधान, टीडीएस रिटर्न, चैरिटेबल ट्रस्ट से संबंधित नियम, एमएसएमई पेमेंट्स और आयकर के नए और पुराने फॉर्म के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम का मंच संचालन चेंबर के जीएसटी सेंट्रल उप समिति के चेयरमैन सीए आदित्य शाह ने किया।

इस दौरान सीए संदीप गाड़ोदिया ने फर्म और एलएलपी से संबंधित इंटरप्रेटेशन के बारे में प्रश्न रखा, जिसपर विशेषज्ञों ने बताया कि नए एक्ट में इन प्रावधानों को भी टेबुलर फॉर्म में सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के सदस्य सुरेश साबू, राजेश मेहता, अधिवक्ता महेंद्र चौधरी, दीपक पटेल, एचएल पटेल, दीपक गाड़ोदिया और चेंबर के डायरेक्ट टैक्स उप समिति के चेयरमैन सीए पंकज मक्कड़ ने मुख्य आयकर आयुक्त एवं मुख्य वक्ता को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यशाला में चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, महासचिव रोहित अग्रवाल, जिटबा के अध्यक्ष आनंद पसारी, सचिव दीपक पटेल, चेंबर के सीजीएसटी उप समिति के चेयरमैन सीए आदित्य शाह, डायरेक्ट टैक्स उप समिति के चेयरमैन सीए जेपी शर्मा, सीए पंकज मक्कड़ सहित काफी संख्या में अधिवक्ता, टैक्स प्रैक्टिशनर और व्यापारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak