स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार और फॉगिंग-लार्वा होगा नष्ट : डॉ स्वराज
रामगढ़, 23 जुलाई (हि.स.)। जिले के प्रभारी सिविल सर्जन (सीएस) डॉ स्वराज की अध्यक्षता में उनके कार्यालय परिसर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में गुरुवार को राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मीता पोर्टल पर प्राप्त जन-शिकायतों और स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की समीक्षा की गई।
मौके पर प्रभारी सिविल सर्जन ने बाहर (अन्य राज्यों या संक्रमित क्षेत्रों) से आने वाले यात्रियों की विशेष रूप से स्वास्थ्य जांच करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने सीमाओं और चिन्हित स्थानों पर सख्त निगरानी रखने को कहा।
क्षेत्र के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उप-केंद्रों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके। इसके अलावा मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया की निगरानी जिले में इन बीमारियों को लेकर चल रहे 'सर्विलांस' कार्यों की गहन समीक्षा की गई। डॉ स्वराज ने मलेरिया उन्मूलन के लिए 'फीवर सर्वे' और रोगियों के 'फॉलो-अप' पर विशेष चर्चा की।
बैठक में सीएस ने विशेष शिविरों में फीवर सर्वे का आयोजन करने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने पुलिस, मिलिट्री कैंप और विद्यालय परिसर जैसे विशेष परिसरों, कार्यालयों में अनिवार्य रूप से फीवर सर्वे कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया।
डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए चल रहे 'कंटेनर सर्वे' की प्रगति जांच की गई। स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे कंटेनरों में जमा पानी की जांच करें, लार्वा को तुरंत नष्ट करें और प्रभावित क्षेत्रों में सघन एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव सुनिश्चित करें।
बैठक में पिछले महीने की मासिक रिपोर्ट की समीक्षा की गई। डॉ स्वराज ने खराब प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों और निम्न स्वास्थ्य सूचकांको वाले स्वास्थ्य केंद्रों को चिन्हित कर उनमें अविलंब सुधार करने के विशेष निर्देश दिया।
साथ ही उन्होंने वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के लिए आम जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिया, जिसमें जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के बचाव पर विशेष रूप से जोर दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश