आदित्य को नहीं मिला न्याय तो होगा बड़ा आंदोलन : देवेंद्रनाथ

 


रांची, 13 अक्टूबर (हि.स.)। रांची के खेलगांव स्थित ट्रिपल आईटी (आईआईटी) में प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।

इस दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए चेतावनी दी कि यदि आदित्य को न्याय नहीं मिला और संस्थान प्रबंधन ने मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को पूरे झारखंड में व्यापक रूप दिया जाएगा। इस मुद्दे को देशभर के विद्यार्थियों के बीच भी उठाया जाएगा।

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि गरीब परिवार कर्ज लेकर अपने बच्चों को प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने भेजते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों पर पड़ने वाले आर्थिक और शैक्षणिक दबाव को समझना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संस्थान की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों की समस्याओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, वे उनकी मांगों के समर्थन में खड़े रहेंगे।

महतो ने आदित्य की मौत के मामले में शैक्षणिक दबाव, संस्थान की कार्यप्रणाली और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना के बाद लिफ्ट, एंबुलेंस, चालक, मेडिकल टीम और ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर कई सवाल उठे हैं। देवेन्द्र ने कहा कि इन सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों का पता चल सके और जवाबदेही तय की जा सके।

माैके पर प्रस्तावित वार्ता में संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन अनिल भट्ट के शामिल नहीं होने पर भी महतो ने असंतोष जताया। उन्होंने संस्थान के निदेशक के इस्तीफे, निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन किया।

इधर, हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठे छात्रों ने संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि संस्थान में बुनियादी सुविधाओं की कमी, परीक्षा का दबाव और प्रशासनिक लापरवाही के कारण विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने हॉस्टल में चिकित्सा सुविधाओं की कमी, एंबुलेंस की अव्यवस्था, बिजली कटौती और लिफ्ट खराब रहने का मुद्दा उठाया।

छात्रों का दावा है कि आदित्य से जुड़ी घटना के समय बिजली उपलब्ध नहीं थी और लिफ्ट बंद रहने के कारण उसे पांचवीं मंजिल से सीढ़ियों के रास्ते नीचे लाना पड़ा।

उन्होंने एंबुलेंस पहुंचने में करीब 20 मिनट की देरी होने की बात भी कही। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

छात्रों ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, आपातकालीन व्यवस्था दुरुस्त करने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग की है। विरोध स्वरूप उन्होंने निदेशक का पुतला बनाकर उसे जूते-चप्पलों की माला पहनाई।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar