भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों ने सीएसआईआर-एनएमएल का किया दौरा

 


पूर्वी सिंहभूम, 09 जुलाई (हि.स.)। भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों ने गुरुवार को मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमसीटीपी-2) के तहत सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर का दौरा किया।

इस दौरान अधिकारियों ने संस्थान में संचालित अत्याधुनिक अनुसंधान गतिविधियों, वैज्ञानिक उपलब्धियों और धातुकर्म एवं खनिज क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

प्रतिनिधिमंडल में भारतीय उच्चायोग, नैरोबी (केन्या) के उप उच्चायुक्त सुशील प्रसाद और भारतीय उच्चायोग, लंदन (यूनाइटेड किंगडम) के काउंसलर एमडी शाहिद आलम शामिल थे। उनके साथ जिला खनन पदाधिकारी के अलावा जमशेदपुर और चाईबासा के जिला उद्योग केंद्रों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

भ्रमण के दौरान सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधरी और संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विभागाध्यक्षों ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। अधिकारियों को संस्थान की अनुसंधान और विकास परियोजनाओं, नई तकनीकों, प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों तथा खनिज, धातु और पदार्थ विज्ञान के क्षेत्र में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उद्योगों के साथ तकनीकी सहयोग और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में संस्थान की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने क्रीप परीक्षण प्रयोगशाला,हॉट डिप प्रोसेस सिम्युलेटर प्रयोगशाला,अर्बन ओर रीसाइक्लिंग सेंटर तथा मैग्नीशियम धातु उत्पादन और आसवन सुविधा का अवलोकन किया। वैज्ञानिकों ने इन प्रयोगशालाओं में विकसित की जा रही आधुनिक तकनीकों,अनुसंधान प्रक्रियाओं और उद्योगोन्मुख नवाचारों की जानकारी साझा की।

दौरे के समापन पर भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों ने सीएसआईआर-एनएमएल की विश्वस्तरीय अनुसंधान क्षमता,आधुनिक वैज्ञानिक अधोसंरचना और औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के भ्रमण से वैज्ञानिक संस्थानों और प्रशासनिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है और ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान को नई दिशा मिलती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक