झारखंड के हर में आईसीयू सुविधा सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य : अजय कुमार सिंह
रांची, 12 सितंबर (हि.स.)। झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में आईसीयू की सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। सुदूरवर्ती और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अजय कुमार सिंह ने शनिवार को रांची के करमटोली स्थित सेलिब्रेशंस में 14वें ईस्ट जोन क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही। रांची क्रिटिकल केयर सोसाइटी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन 13 सितंबर तक चलेगा। सम्मेलन का विषय ‘इंटीग्रेटेड क्रिटिकल केयर : ब्रिजिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड कंपैशन’ है। इसमें देशभर से 150 से अधिक विशेषज्ञ और 200 से अधिक चिकित्सक हिस्सा ले रहे हैं।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), टेली-मेडिसिन और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में 10 बेड की टेली-आईसीयू सुविधा के माध्यम से जिला स्तर पर गंभीर मरीजों के उपचार में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद मिल रही है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में मौजूद मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने में सहायता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में एआई की भूमिका लगातार बढ़ रही है। एआई मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न मानकों की निगरानी और चिकित्सकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा। हालांकि, मरीज के उपचार से संबंधित अंतिम निर्णय चिकित्सक ही लेंगे। तकनीक का उद्देश्य चिकित्सकों का विकल्प बनना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर और समयबद्ध निर्णय लेने में सहयोग करना है।
अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार की योजना है। अगले तीन-चार वर्षों में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और गंभीर रोगियों को बेहतर इलाज मिलने की संभावना मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि गंभीर चिकित्सा सेवाओं को केवल बड़े शहरों और प्रमुख अस्पतालों तक सीमित रखने के बजाय जिला स्तर तक पहुंचाना जरूरी है। विशेष रूप से सुदूरवर्ती और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में समय पर क्रिटिकल केयर उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
सम्मेलन में क्रिटिकल केयर चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीकों, उपचार पद्धतियों और गंभीर मरीजों की देखभाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ अपने अनुभव और नवीनतम चिकित्सा तकनीकों की जानकारी साझा कर रहे हैं।
मौके पर आईएससीसीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणबीर सिंह त्यागी, राष्ट्रीय सचिव डॉ. घनश्याम जागोतकर, डॉ. दिनेश कुमार अग्रवाल, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. विनोद, डॉ. विशाल विनोद, डॉ. तापस साहू, डॉ. जय प्रकाश, डॉ. विजय मिश्रा और डॉ. डीएसएन राव सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे।----------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar