युवती की मौत के बाद हॉस्पिटल के बाहर धरना-प्रदर्शन, पांच लाख का बिल माफ

 




- इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने मांगा न्याय

रांची, 12 अक्टूबर (हि.स.)। रांची के बरियातू रोड स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 23 वर्षीय काजल करमाली की मौत के बाद सोमवार को परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की।

देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि काजल करमाली, डुमरी के नारायणपुर निवासी सुरेश करमाली की पुत्री थीं। उनके पति रंजीत करमाली के अनुसार, प्रसव के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर काजल को 19 सितंबर 2026 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पति का आरोप है कि इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन 28 सितंबर को अचानक तबीयत बिगड़ गई और शरीर काला पड़ने लगा।

रंजीत करमाली ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने और अनावश्यक दवाइयों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मामले को लेकर देवेंद्र नाथ महतो और अस्पताल के निदेशक रजनीश कुमार के बीच कई घंटे तक बातचीत हुई। महतो ने कहा कि चिकित्सा सेवा को पूरी तरह व्यावसायिक नहीं बनाया जा सकता और मरीजों के इलाज में संवेदनशीलता बरतना जरूरी है।

लंबी वार्ता के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इलाज पर हुए करीब पांच लाख रुपये के खर्च को माफ करने पर सहमति जताई। प्रदर्शन में शीला उरांव, सुरेश करमाली, शीला देवी, गौतम तुरी, विशाल तुरी, राहुल करमाली और अयूब अली सहित मृतका के परिजन और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।---------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar