प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

 




रामगढ़, 29 सितंबर (हि.स.)। शहर के गुरु कृपा अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की तबीयत बिगड़ी। हालात इतने नाजुक हो गए की चिकित्सकों के सारे प्रयास विफल साबित हुए।

प्रसव पीड़ा के दौरान ही महिला की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाया।

चितरपुर के ईदगाह मैदान निवासी शहबाज अहमद की पत्नी सिमरन फरहीन अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली थी। सिमरन फरहीन के पिता चितरपुर, स्टेशन रोड निवासी अनवर सलीम ने अपनी बेटी का प्रसव कराने के लिए उसे रामगढ़ के पटेल चौक स्थित गुरु कृपा अस्पताल में सोमवार को भर्ती कराया। सोमवार की शाम से भर्ती होने के बाद सिमरन फरहीन की हालत बिगड़ती चली गई।

मृतका के पिता अनवर सलीम ने बताया कि गुरु कृपा अस्पताल में डॉक्टर मृत्युंजय और अन्य चिकित्सकों ने इलाज में भारी लापरवाही बरती है। इसकी वजह से उन्होंने अपनी बेटी और होने वाले बच्चों को भी खो दिया। उन्होंने चिकित्सकों पर घोर लापरवाही के साथ समय पर रेफर नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी पुत्री की हालत नाजुक हो रही थी तो उसकी जानकारी समय पर उन्हें नहीं दी गई।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को पीड़िता सिमरन फरहीन को उसके परिजन एंबुलेंस से सदर अस्पताल लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने उनकी जांच की और कुछ देर के बाद सिमरन फरहीन को मृत घोषित कर दिया।

सदर अस्पताल पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने मृतका के परिजनों से बात की। पूरी प्रक्रिया और वस्तुस्थिति जानने के बाद उन्होंने डॉक्टर मृत्युंजय पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिमरन फरहीन की हालत नाजुक थी, इसके बारे में चिकित्सकों ने उनके परिजनों को जानकारी नहीं दी।

लगभग 24 घंटे बाद आनन-फानन में वेंटीलेटर के सहारे सिमरन फरहीन को सीधे सदर अस्पताल भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सिमरन फरहीन की मौत गुरु कृपा अस्पताल में ही हो गई थी। लेकिन डॉक्टर मृत्युंजय ने अपना पल्ला झाड़ने के लिए एक मृत शरीर को वेंटीलेटर के सहारे जीवित बताकर उसे सदर अस्पताल भेज दिया। यह पूरा मामला बेहद संगीन है।

इस मामले की गंभीरता पूर्वक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मृतका के परिजनों ने रामगढ़ थाने में लिखित शिकायत दी है। जांच में सारी चीजें स्पष्ट हो जाएगी।

इधर गुरु कृपा अस्पताल के प्रबंधक डॉक्टर मृत्युंजय ने बताया कि सिमरन फरहीन को जब उनके अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो उस दौरान भी उनकी हालत नाजुक थी।

बाद में हालत बिगड़ने पर पीड़िता को रांची रेफर कर दिया गया, लेकिन उसके परिजन एंबुलेंस से सीधे सदर अस्पताल पहुंच गए। मरीज के कंडीशन के बारे में लगातार उनके परिजनों को जानकारी दी जाती रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश