रिम्स की एक करोड़ से अधिक निविदाओं की होगी उच्च स्तरीय जांच : अजय
रांची, 28 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एक करोड़ रुपये से अधिक की उन निविदाओं की अब उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी, जिन्हें स्थायी वित्त समिति (एसएफसी) की अनिवार्य स्वीकृति के बिना जारी किया गया। यह महत्वपूर्ण निर्णय मंगलवार को झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित स्थायी वित्त एवं लेखा समिति (एसएफसी) की 14वीं बैठक में लिया गया।
बैठक में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह स्पष्ट किया गया कि भविष्य में किसी भी बड़ी निविदा प्रक्रिया को निर्धारित नियमों और स्वीकृतियों के तहत ही आगे बढ़ाया जाएगा। जिन मामलों में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, उनकी विस्तृत जांच कर जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव ने बैठक में रिम्स को आगामी तीन माह के भीतर पूरी तरह कैशलेस और पेपरलेस संस्थान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए उन्होंने आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल की प्रशासनिक, वित्तीय और चिकित्सा सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी, प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और अनावश्यक कागजी कार्यवाही में कमी आएगी। साथ ही वित्तीय लेन-देन भी अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगा।
बैठक में रिम्स के अधोसंरचना विकास को लेकर भी कई अहम फैसले लिए गए। समिति ने सभी नए हॉस्टलों को 12 मंजिला बनाने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अधिक क्षमता विकसित की जा सके। इसके अलावा पीजी हॉस्टल को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर विकसित करने पर सहमति बनी, जिससे बेहतर संसाधनों और सुविधाओं का लाभ मिल सके।
रिम्स में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के तहत रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इसके लिए आवश्यक तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का अध्ययन कर आगे की कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) या लेफ्टिनेंट कर्नल स्तर के अनुभवी सुरक्षा पदाधिकारी की नियुक्ति पर भी सहमति बनी। इससे संस्थान की सुरक्षा प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में कुल 15 एजेंडों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिनमें वित्तीय पारदर्शिता, अधोसंरचना विकास, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और प्रशासनिक सुधार प्रमुख रहे।
इस अवसर पर रिम्स निदेशक सह सदस्य सचिव डॉ. राजकुमार, अपर निदेशक प्रशासन कृष्ण प्रसाद बाघमरे, संयुक्त सचिव छवि रंजन सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों को रिम्स के व्यापक सुधार और आधुनिक चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar