मां के श्राद्धकर्म की तैयारियों में जुटे हेमंत सोरेन

 


रामगढ़, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मां का साया सिर से उठ जाए, तो जीवन में एक ऐसा खालीपन रह जाता है, जिसे कोई पद, प्रतिष्ठा या उपलब्धि भर नहीं सकती। इसी भावुक घड़ी में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी स्वर्गीय माता रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म की तैयारियों का जायजा लेते नजर आए। इस दौरान उनके व्यक्तित्व में मुख्यमंत्री की प्रशासनिक जिम्मेदारी और एक बेटे के पारिवारिक कर्तव्य दोनों की झलक दिखाई दी।

मां के निधन के बाद श्राद्धकर्म की तैयारियों के बीच व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन का हिस्सा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दौरान आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री का पद संवैधानिक जिम्मेदारियों का प्रतीक है, लेकिन मां के साथ रिश्ता पद और प्रतिष्ठा से परे होता है। मां की विदाई के बाद उनकी स्मृतियां, सीख और संस्कार ही संतान के जीवन की अनमोल धरोहर बनकर रह जाते हैं। नेमरा में श्राद्धकर्म की तैयारियों के बीच हेमंत सोरेन की भूमिका इसी रिश्ते की गहराई को सामने लाती है।

मां भले ही साथ न हों, लेकिन उनके संस्कार और स्मृतियां हमेशा साथ रहते हैं। जिम्मेदारियों के बीच मां के प्रति सम्मान और पारिवारिक परंपराओं का निर्वहन यही इस भावुक अवसर की सबसे महत्वपूर्ण तस्वीर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश