विद्यालयों में संविधान शिक्षा अनिवार्य करे सरकार : नायक
रांची, 02 जून (हि.स.)।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेपीसीसी) के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने हेमंत सोरेन की सरकार शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को एक साथ जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को राज्यभर के स्कूलों में संविधान की शिक्षा को भी अनिवार्य करना चाहिए। उन्होंने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि विद्यार्थियों को संविधान के मूल सिद्धांतों, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों, सामाजिक न्याय, समानता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की जानकारी दी जानी चाहिए।
इससे नई पीढ़ी में संवैधानिक चेतना विकसित होगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत बनेगी।
प्रदेश प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की कि एसईआर और जनगणना की तरह विद्यालयों और महाविद्यालयों में संविधान शिक्षा को भी अनिवार्य बनाया जाए। नायक ने विद्यालयों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसईआर) और जनगणना संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के सरकारी निर्णय को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज के प्रभावी सूचना वाहक होते हैं और वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी अपने परिवार और समुदाय तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर इलेक्ट्रिक साइकिल उपलब्ध कराने का निर्णय समयानुकूल और दूरदर्शी पहल है। इससे छात्रों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा, आवागमन आसान होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar