रांची विश्वविद्यालय में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की शुरुआत, राज्यपाल ने किया उद्घाटन
रांची, 08 अप्रैल (हि.स.)। रांची विश्वविद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में भी एक अहम पहल करते हुए मोरहाबादी स्थित एचआरडीसी कैंपस में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की शुरुआत की है। इस केंद्र का उद्घाटन बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इस मौके पर कहा कि यह केंद्र विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मियों के समग्र स्वास्थ्य- शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक संतुलन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इस पहल के लिए विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वस्थ शरीर और संतुलित मन भी उतने ही जरूरी हैं। युवाओं से उन्होंने संतुलित जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक सोच रखने और नियमित योग, ध्यान व व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि तनाव और चिंता जैसी स्थितियों में समय पर परामर्श लेना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय समुदाय को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि रिम्स और सीआईपी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से यह केंद्र प्रभावी ढंग से संचालित होगा।
उन्होंने कहा कि देश “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और 'फिट इंडिया' व 'आयुष्मान भारत' जैसे अभियान युवाओं के समग्र विकास को मजबूती दे रहे हैं। यह पहल शिक्षा और स्वास्थ्य के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है और अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज एक गंभीर विषय बन चुका है और कई लोग इससे जूझ रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इस केंद्र का लाभ उठाने और परामर्श लेने में संकोच न करने की अपील की।
डॉ. नितिन कुलकर्णी ने आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि समय पर मार्गदर्शन और काउंसलिंग बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र में नियमित काउंसलर उपलब्ध हों और टेली-काउंसलिंग की सुविधा विकसित की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि 21वीं सदी में तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे