एसीबी की प्रारंभिक जांच तीन महीने में पूरी करनी होगी, झारखंड हाई कोर्ट का निर्देश

 


रांची, 06 अक्टूबर (हि.स.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में लंबित प्रारंभिक जांच (पीई) के मामलों के जल्द निष्पादन को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एसीबी के चीफ को प्रारंभिक जांच तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच की अवधि को अधिकतम छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है। यदि किसी मामले में पीई की अवधि छह महीने से आगे बढ़ानी हो तो जांच एजेंसी के लिए इसके कारण रिकॉर्ड करना अनिवार्य होगा। बिना कारण दर्ज किए जांच की अवधि आगे नहीं बढ़ाई जा सकेगी।

उच्च न्यायालय ने एसीबी में लंबित प्रारंभिक जांच के मामलों के संबंध में छह महीने बाद स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है। इसके साथ ही अदालत ने जनहित याचिका का निष्पादन कर दिया। मामले में पूर्व में खंडपीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पूर्व की सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि एसीबी में कई प्रारंभिक जांच 11 वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। जांच लंबित रहने के दौरान कई लोग सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं और उन्हें विभिन्न तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में प्रारंभिक जांच वर्ष 2013 और 2022 से लंबित होने की जानकारी अदालत को दी गई थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे