हाईवा चतरा छोड़ो आंदोलन शुरू, कोयला-खनिज ढुलाई बंद करने का ऐलान

 


चतरा, 09 अगस्त (हि.स.)। कोयला और खनिज ढुलाई से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति, चतरा के बैनर तले रविवार से “हाईवा चतरा छोड़ो आंदोलन” की शुरुआत की गई।

चतरा की सड़कों से 9 अगस्त से संपूर्ण कोल एवं खनिज ढुलाई को अनिश्चितकालीन बंद किया गया है। समिति के बैनर तले सिमरिया अनुमंडल मुख्यालय में विशाल मशाल जुलूस निकला। जेएमएम के केंद्रीय नेता मनोज चंद्रा ने आंदोलन को न्याय, समानता और हक से जीने का बताते हुए लोगों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कोयला और खनिज ढुलाई में लगे हाईवा वाहनों को चतरा से बाहर करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।

वक्ताओं का कहना है कि हजारीबाग के बड़कागांव और केरेडारी से उत्पादित कोयला एवं खनिजों का परिवहन चतरा जिले के टंडवा, सिमरिया, चतरा, गिद्धौर के रास्ते से होता है लेकिन इससे स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानियों और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों का समुचित समाधान नहीं हो पा रहा है। भारी वाहनों के परिचालन से सड़क सुरक्षा, जाम, प्रदूषण और स्थानीय आवागमन से जुड़ी समस्याएं भी लगातार सामने आती रही हैं। हाइवा चालन से सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। हर दिन सड़क दुर्घटना हो रही है। जहरीले राख की ढुलाई से प्रदूषण के साथ बीमारी घर-घर पहुंच रही है।

सर्वदलीय संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि मांगों के समाधान तक कोयला एवं खनिज ढुलाई को बंद रखा जाएगा। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और समिति के समर्थन में अपनी एकजुटता जताई। समिति ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन किसी एक दल या संगठन का नहीं बल्कि स्थानीय लोगों के हक और अधिकार से जुड़ा आंदोलन है। मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी भी दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेन्द्र तिवारी