गुरुद्वारा साहिब में सादगी से मनाया गया गुरु अर्जन देव जी का शहीदी गुरुपर्व
रामगढ़, 18 जून (हि.स.)। शहीदों के सरताज, पंचम पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज का शहीदी गुरुपर्व रामगढ़ शहर के मेन रोड स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा और सादगी से मनाया गया।
गुरुद्वारा साहिब में कार्यक्रम की शुरुआत अमृतवेले श्री अखंड पाठ साहिब की संपूर्णता के साथ हुआ। वहीं, गुरुवार में विशेष दीवान सजाया गया जिसमें प्रसिद्ध रागी जत्था भाई अरदासिया जी गुरबाणी शब्द-कीर्तन से साध संगत को निहाल किया। अरदास, हुकमनामा साहिब और कढ़ाह प्रसाद वितरण के बाद गुरु का अटूट लंगर चलाया गया। प्रबंधक कमेटी ने समस्त क्षेत्रवासियों व साध-संगत से गुरु-घर पहुंचकर गुरु महाराज का आशीर्वाद लेने की अपील की थी।
रामगढ़ गुरुद्वारा साहिब के प्रधान परमदीप सिंह कालरा ने बताया कि यह दिन धर्म, सत्य और मानवीय स्वतंत्रता की रक्षा के लिए गुरु अर्जन देव जी द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है।
गुरु अर्जन देव जी को सन 1606 में उस समय के मुगल शासक जहांगीर ने बड़ी ही अमानवीय यातनाएं दी। लेकिन इतनी यातनाएं सहने के बाद भी गुरु महराज अपने सत्य के मार्ग पर चलते रहे। गुरु अर्जन देव जी सिख धर्म के पहले शाहिद थे। उन्हें लाहौर की भीषण गर्मी में गर्म तवे के ऊपर बैठा के उनके ऊपर गर्म रेत डाली गई, तब भी गुरु अर्जन देव जी वाहेगुरु जी का सिमरन कर गुरु भक्ति में लीन थे।
कुछ दिनों तक ये यातनाएं सहने के बाद गुरु महराज जी ने रावी नदी के ठंडे जल में समाधि ले ली। इतनी गर्मी में गर्म रेत उनके ऊपर डाली जाती थी जो असहनीय थी, इसलिए इस दिन ठंडे जल (छबील) का लंगर सिख समाज लगाता है, 18 जून को शहीदी दिवस गुरुद्वारे में बड़ी श्राद्ध और सम्मान के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम में गुरुद्वारा साहिब के प्रधान परमदीप सिंह कालरा, मीत प्रधान अमरजीत सिंह सैनी, हैप्पी छाबड़ा, महासचिव हरदीप सिंह, कुलवंत सिंह मारवाह, प्रीतम सिंह कालरा, तेजेन्द्र सिंह सोनी, जोगिंदर सिंह जग्गी, गुरजीत सिंह सलूजा, कुलजीत सिंह कालरा, अनमोल सिंह आनंद, जगजीत सिंह जग्गी, हरप्रीत सिंह खालसा, नरेंद्र सिंह चमन सहित सिख समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश