नन्हे हाथों ने लिखी चिट्ठी, गुमला डाकघर पहुंचकर पत्रपेटी में डाले पत्र

 


गुमला, 26 अगस्त (हि.स.)।

रक्षाबंधन के अवसर पर चिट्ठी और डाक सेवा की परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल बुधवार को गुमला मुख्य डाकघर में उस समय देखने को मिली जब बाल पाठशाला प्ले स्कूल, गुमला के नन्हे बच्चे पहली बार सामूहिक रूप से डाकघर पहुंचे।

अपने परिजनों के लिए लिखे पत्र स्वयं पत्रपेटी में डाले। बच्चों ने विद्यालय में अपने हाथों से राखियां तैयार कीं और उन्हें डाक विभाग के लिफाफों में रखकर परिजनों के नाम पत्र भी लिखे।

बच्चों को उत्साह के साथ पत्र पोस्ट करते देखकर गुमला मुख्य डाकघर के कर्मचारी भी काफी प्रसन्न हुए। बच्चों में राखी और पत्र अपने परिजनों तक पहुंचाने को लेकर खासा उत्साह रहा। विद्यालय की प्राचार्या और शिक्षक भी बच्चों के साथ डाकघर पहुंचे और उनका उत्साह बढ़ाया। डाकघर परिवार ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें चॉकलेट खिलाई।

इस अवसर पर पोस्टमास्टर शिव शंकर ठाकुर ने कहा कि रक्षाबंधन पर डाक के माध्यम से राखी और शुभकामना संदेश भेजने को लेकर लोगों में उत्साह है। उन्होंने कहा कि चिट्ठी केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि भावनाओं, यादों और रिश्तों को जोड़ने वाला माध्यम है। बच्चों को बचपन से पत्र लेखन और डाक सेवा से जोड़ना भावनात्मक विरासत को आगे बढ़ाने की सुंदर पहल है। उन्होंने लोगों से भाई-बहनों और प्रियजनों को राखी और शुभकामना संदेश डाक के माध्यम से भेजने की अपील की।

इस अवसर पर गुमला मुख्य डाकघर के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव निरंजन ओहदार, सुनील सहित अन्य मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar