गुरु रविदास की जन्मस्थली से आई पावन मिट्टी का रांची में भव्य स्वागत

 




रांची, 31 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की ओर से संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650 वीं जयंती समरसता अभियान के अंतर्गत उनकी जन्मस्थली से लाई गई पावन मिट्टी के कलश का शुक्रवार को रांची में भव्य स्वागत किया गया।

पिस्का मोड़ स्थित विश्वनाथ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कलश का वंदन किया गया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता, रविदास समाज और श्रद्धालुओं की सहभागिता में ढोल-नगाड़ों, भगवा ध्वज और जयघोष के साथ विशाल कलश वंदन यात्रा निकाली गई, जो विश्वनाथ मंदिर से पहाड़ी मंदिर तक पहुंची। यात्रा के दौरान पिस्का मोड़ से पहाड़ी मंदिर तक विभिन्न स्थानों पर आम नागरिकों और रविदास महासभा के पदाधिकारियों ने पुष्पवर्षा कर पावन कलश का भव्य स्वागत किया। पहाड़ी मंदिर परिसर में पावन मिट्टी के कलश को श्रद्धापूर्वक विश्राम दिया गया, जहां यह आगामी चार दिनों तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विराजमान रहेगा।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, मधु कोड़ा, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी, मनोज सिंह, रांची विधायक सीपी सिंह, विधायक नवीन जायसवाल, रांची की महापौर रौशनी खलखो, उपमहापौर नीरज कुमार, भाजपा रांची महानगर के जिलाध्यक्ष वरुण साहू, सत्यनारायण सिंह, रमेश सिंह, संजीव विजयवर्गीय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थेे।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी केवल एक संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और आत्मसम्मान के महान प्रवर्तक थे। उनके विचार आज भी समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकात्मता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संत रविदास के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने और समरस समाज के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि संत गुरु रविदास का जीवन मानवता, सेवा और सामाजिक न्याय का अद्वितीय उदाहरण है। उनकी जन्मस्थली से आई पावन मिट्टी का झारखंड आगमन पूरे राज्य के लिए सौभाग्य का विषय है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि संत रविदास ने अपने कर्म, भक्ति और विचारों से समाज को नई दिशा दी। उन्होंने ऊंच-नीच और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाकर समानता पर आधारित समाज की स्थापना का संदेश दिया। आज आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक समरसता को और अधिक सुदृढ़ बनाएं।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि व्यक्ति की महानता उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके विचार, चरित्र और कर्म से निर्धारित होती है। उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को एक सूत्र में पिरोने की प्रेरणा देता है।

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि संत गुरु रविदास ने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों में आत्मविश्वास, सम्मान और अधिकारों की चेतना जगाई। उनके विचार सामाजिक न्याय और समान अवसरों पर आधारित भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं।

उल्लेखनीय है कि 15 वीं शताब्दी के महान संत, समाज सुधारक एवं भक्तिकाल के प्रमुख स्तंभ संत शिरोमणि गुरु रविदास ने अपने जीवन के माध्यम से समता, सद्भाव, श्रम की गरिमा, मानव सेवा और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया। उनका प्रसिद्ध विचार मन चंगा तो कठौती में गंगा तथा बेगमपुरा की परिकल्पना आज भी सामाजिक समानता और न्यायपूर्ण व्यवस्था का प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के आदर्शों पर चलने एवं समरस, समानतामूलक और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे