रांची में अंबेडकर जयंती पर राज्यपाल-मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, संविधान के मूल्यों को अपनाने का आह्वान
रांची, 14 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड की राजधानी रांची में अंबेडकर जयंती के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और बाबा साहेब के योगदान को याद किया गया।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर न केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार थे, बल्कि संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने देश को ऐसा मजबूत संविधान दिया, जो लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के योगदान के कारण ही भारत आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने देश को एक समावेशी और न्यायपूर्ण दिशा प्रदान की। उनके द्वारा निर्मित संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और गरिमा के साथ जीवन जीने का अवसर दिया। राज्यपाल ने उनके जीवन को संघर्ष, संकल्प और आत्मविश्वास का अद्भुत उदाहरण बताते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और समाज में व्याप्त भेदभाव तथा असमानता के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उनका मानना था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि आज जरूरत है कि हम उनके विचारों को केवल याद ही न करें, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारें। एक समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सभी की भागीदारी ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में बाबा साहेब का योगदान अविस्मरणीय है और उनके द्वारा निर्मित संविधान को पूरा देश नमन करता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाबा साहेब एक महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने गरीब, पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उनके जीवन मूल्यों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में समानता और न्याय स्थापित करने में अपना योगदान दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे