शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, चरित्र निर्माण करना भी है: राज्यपाल

 




रांची, 24 मार्च (हि.स.)। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना भी है। विद्यार्थियों को अपने जीवन में ईमानदारी, परिश्रम एवं सकारात्मक दृष्टिकोण को अपनाते हुए उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहना चाहिए।

राज्यपाल मंगलवार को रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 के शौर्य सभागार में आयोजित इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (इक्फाई) विश्वविद्यालय, झारखण्ड के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों की नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और मूल्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दें।

उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का महत्व अत्यंत बढ़ गया है और इसमें निजी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालय यूजीसी एवं सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख एवं मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान करें।

राज्यपाल ने कहा कि हमारा देश सदैव से विश्व को मानवता, सह-अस्तित्व एवं वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश देता आया है। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक स्वप्न नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक लक्ष्य बन चुका है। इस संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा एवं नवाचार के बल पर राष्ट्र को नई उंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे