झारखंड में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को राज्यपाल की मंजूरी, चार नामों पर लगी मुहर
रांची, 10 जून (हि.स.)। झारखंड में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल ने राज्य सरकार की ओर से भेजे गए चार सदस्यीय पैनल को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और भाजपा नेता शिवपूजन पाठक के राज्य सूचना आयुक्त बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
राजभवन सचिवालय ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने इन चार नामों की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव राज्यपाल के अनुमोदन के लिए भेजा था। हालांकि प्रारंभिक स्तर पर राजभवन ने कुछ प्रक्रियागत आपत्तियां जताते हुए प्रस्ताव को वापस कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हीं नामों के साथ पुनः प्रस्ताव भेजा और उठाई गई आपत्तियों पर अपना पक्ष स्पष्ट किया।
राज्यपाल ने प्रस्ताव को कुछ शर्तों के साथ स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि झारखंड राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति भी जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि आयोग का कार्य प्रभावी और सुचारु रूप से संचालित हो सके।
राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की प्रक्रियागत त्रुटि पाई जाती है अथवा उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन को लेकर कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो उसकी पूरा जवाबदेही राज्य सरकार की होगी।
सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान पैनल में शामिल कुछ नामों के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा और विवाद हुआ था। अमूल्य नीरज खलखो का कांग्रेस, तनुज खत्री का झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) तथा शिवपूजन पाठक का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ाव होने की बात सामने आई थी।
विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने सूचना आयोग जैसे महत्वपूर्ण वैधानिक संस्थान में राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए थे। उनका तर्क था कि आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए नियुक्तियों में पारदर्शिता और राजनीतिक तटस्थता आवश्यक है।
राज्य सरकार ने दोबारा भेजे गए प्रस्ताव में स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों के संबंध में आरोपों या आपत्तियों का उल्लेख किया गया था, वे आरोपों से मुक्त हो चुके हैं। सरकार ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों से जुड़े नाम नियुक्ति के बाद अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे।
राज्य सरकार के अनुसार, संबंधित व्यक्ति वर्तमान में किसी राजनीतिक दल में लाभ के पद पर नहीं हैं और उनकी नियुक्ति सभी कानूनी एवं प्रक्रियागत मानकों के अनुरूप की जा रही है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे