शहीद विश्वनाथ शाहदेव के परिवार के सदस्यों को नौकरी दे सरकार : सुधांशु शाहदेव
-ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की 209वीं जयंती पर श्रद्धांजलि, स्मारक के सौंदर्यीकरण की मांग
रांची, 12 अगस्त (हि.स.)। अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की 209वीं जयंती बुधवार को अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव अध्ययन केंद्र के तत्वावधान में हटिया स्थित शहादत स्मारक स्तंभ परिसर में मनाई गई। इस अवसर पर ठाकुर निवास, बड़कागढ़, जगन्नाथपुर में आयोजित समारोह में अमर शहीद की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमर शहीद के प्रपौत्र ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव थे।
समारोह में जगन्नाथपुर, मौसीबाड़ी, हटिया, सिंहमोड़ और तुपुदाना से पहुंचे लोगों का स्वागत किया गया। ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव ने अमर शहीद के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए शहादत स्मारक स्तंभ के सौंदर्यीकरण की मांग की। सुधीर सिंह ने उनकी जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की, जबकि अनिल कुमार ने शहीद परिवार को उचित सम्मान देने तथा जन्मतिथि और शहादत दिवस को भव्य रूप से मनाने की अपील की।
अध्ययन केंद्र के वरिष्ठ सदस्य मुख्तार अंसारी ने शहादत स्मारक स्तंभ के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की भूमि पर स्थापित एचईसी की मौजूदा स्थिति और विस्थापितों के साथ कथित अन्याय पर चिंता जताई। उन्होंने एचईसी की सरप्लस भूमि ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के वंशजों को वापस करने की मांग की।
समारोह के अतिथि रामा बारा ने स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव को उचित सम्मान देने और बड़कागढ़ रियासत के इतिहास को सामने लाने की आवश्यकता बताई।
मुख्य अतिथि ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव ने कहा कि अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव वीर स्वतंत्रता सेनानी थे और छोटानागपुर के राज परिवार ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने राज्य सरकार से शहीद परिवार के सदस्यों के सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हितों के साथ रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने तथा योग्य सदस्यों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
उन्होंने शहादत स्मारक स्थल के सौंदर्यीकरण और शहीद परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की भूमि पर एचईसी कारखाने का निर्माण हुआ है, लेकिन परिवार को एचईसी की ओर से अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने एचईसी प्रबंधन से शहीद के सम्मान में आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव ने एचईसी को बचाने के लिए सभी विस्थापितों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एचईसी को बचाने और विस्थापितों के हित में वे हर कदम पर साथ खड़े रहेंगे।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे गुप्तेश्वर सिंह ने कहा कि वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के उत्थान के लिए झारखंड सेनानी कोष का गठन किया था, लेकिन वर्तमान में यह लगभग निष्क्रिय हो गया है। उन्होंने कोष के पुनर्गठन की आवश्यकता जताई।
अध्ययन केंद्र के मुख्य संरक्षक इंदर गोप ने भी शहादत स्मारक स्तंभ के सौंदर्यीकरण की मांग की। सदस्यों ने कहा कि अध्ययन केंद्र का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर शहीद परिवारों की मांगों से उन्हें अवगत कराएगा।
कार्यक्रम में निरंजन नाथ शाहदेव, अभिषेक कुमार, गुप्तेश्वर सिंह, ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव, राजू नायक, अरुण कुमार, विजय सोनी, चंदन कविराज, मुख्तार अंसारी, विजय उरांव, लाल नितेश नाथ शाहदेव, परशुराम सिंह, अमरदीप कौशल सहित अन्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak