लघु खनिज की आपूर्ति में सरकार विफल, ठेकेदारों पर विभाग ठोक रहा जुर्माना
रामगढ़, 21 जुलाई (हि.स.)। झारखंड सरकार की लघु खनिज नीति का खामियाजा ठेकेदारों को भुगतना पड़ रहा है। विकास कार्य (निर्माण कार्य) में लघु खनिज मसलन बालू, ईंट, छरी, मिट्टी की आपूर्ति की घोर समस्या है। झारखंड सरकार इस मुद्दे पर विफल साबित हो रही है और ठेकेदारों पर जुर्माना ठोक रही है। यह आरोप रामगढ़ जिला संवेदक संघ ने लगाया है। इसे लेकर मंगलवार को संघ का प्रतिनिधिमंडल डीसी ऋतुराज से मिला। संघ के अध्यक्ष पंकज प्रसाद तिवारी और सचिव दयासागर प्रसाद ने कहा कि ठेकेदारों पर लगातार विभाग जुर्माना भी ठोक रहा है। दोनों तरफ से ठेकेदारों को मिल रही मार उन्हें बर्बाद कर रहा है।
संघ ने मूलभूत समस्याओं से डीसी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 27 अप्रैल 2026 से राज्य सरकार के खनन विभाग की ओर से नई अधिसूचना जारी कर दी गई है। उससे पहले विकास कार्यों में ठेकेदारों ने जो एग्रीमेंट विभागों से किया था, उस पर अब जुर्माना लगना शुरू हो गया है। परिवहन चालान जमा नहीं करने पर रॉयल्टी का दुगना ठेकेदारों से वसूला जा रहा है। इस नए नियम के लागू होने से जिले में ठेकेदार आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए नियम के बाद भी रामगढ़ जिले में लघु खनिज का घोर अभाव है। यही वजह है कि निर्धारित समय पर योजनाएं पूरी नहीं हो रही है।
विभाग की ओर से संवेदक से जुर्माने के तौर पर प्राक्कलित राशि का 10 प्रतिशत कटौती कर लिया जाता है। वर्तमान समय में खनिज पदार्थ उपलब्ध नहीं होने के कारण कोई भी कार्य समय अवधि पर नहीं होने की संभावना साफ नजर आ रही है। ऐसे हालात को देखते हुए ठेकेदारों को दूसरे जिलों से खनिज पदार्थ मांगना पड़ रहा है। इस पर लगने वाला अतिरिक्त खर्च भी ठेकेदारों को अपने घर से वहन करना पड़ता है।
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने डीसी से मांग की है कि जब तक राज्य सरकार निर्माण कार्यों में खपत होने वाले लघु खनिज की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं करती है, तब तक पुरानी व्यवस्था के तहत ही ठेकेदारों को काम करने की अनुमति दी जाए। साथ ही जिस कार्य में विलंब हुआ है उसके समय का भी विस्तार किया जाए।
संवेदक संघ के अध्यक्ष और कांग्रेस के वरीय नेता पंकज प्रसाद तिवारी ने झारखंड सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि खनिज पदार्थ की आपूर्ति के मामले पर राज्य सरकार विफल है और वह अपनी जिम्मेदारी नहीं उठा पा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी लापरवाहियों को छुपा कर ठेकेदारों से पेनल्टी वसूल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी तैयारी के नई नीति लागू कर दी, जिसके कारण हजारों ठेकेदार बर्बाद हो रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल में लाल बिहारी महतो, जितेंद्र कुमार, राजू साहू, रंजन सिंह, गिरधारी महतो, अनुज तिवारी, चिंतामणि प्रसाद, नागेंद्र दांगी सहित अन्य शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश