आदिवासी-मूलवासी समाज का सिर्फ राजनीतिक नारा के रूप में सरकार कर रही उपयोग : सूरज मंडल

 


रांची, 02 जुलाई (हि.स.)।

अखिल भारतीय संपूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व सांसद डॉ सूरज मंडल ने राज्य सरकार पर सूचना आयुक्तों की नियुक्ति में आदिवासी और मूलवासी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार सत्ता में बने रहने के लिए आदिवासी और मूलवासी समाज का केवल राजनीतिक नारा के रूप में उपयोग कर रही है, जबकि व्यवहारिक स्तर पर उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने गुरूवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सरकार बाहरी-भीतरी और आदिवासी-मूलवासी के मुद्दे उठाती है, लेकिन नियुक्तियों में इन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।

हेमंत सरकार ने हाल ही में आदिवासी मूलवासियों की उपेक्षा कर बाहरियों को सूचना आयुक्त बना दिया। नियुक्त चार सूचना आयुक्तों में दो को छोड़कर अन्य मूलतः बाहरियों को सूचना आयुक्त बनाया जाना राज्यवासियों के साथ अन्याय है।

उन्होंने कहा कि सूचना आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था से जनता को पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की उम्मीद रहती है। ऐसे में आयोग में ऐसे व्यक्तियों की नियुक्ति होनी चाहिए, जो झारखंड की सामाजिक परिस्थितियों, स्थानीय समस्याओं और आम लोगों के सरोकारों से भली-भांति परिचित हों।

मंडल ने कहा कि झारखंड की जनता सरकार की कार्यशैली को देख रही है और समय आने पर इसका उचित जवाब देगी। उन्होंने सरकार से नियुक्तियों में आदिवासी और मूलवासी समाज को प्राथमिकता देने और सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप निर्णय लेने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar