छात्रों ने जाना भारतीय संस्कृति और मंत्रों का महत्व

 


रांची, 07 मई (हि.स.)। मारवाड़ी महिला सम्मेलन के संस्कार ही धरोहर कार्यक्रम के तहत गुरूवार को शिवनारायण कन्या पाठशाला में छात्राओं को संस्कृत के उपयोगी श्लोक सिखाने का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में कक्षा एक से आठवीं तक की छात्राओं ने करीब डेढ़ घंटे तक शुद्ध उच्चारण और मधुर स्वर में मंत्र और श्लोकों का पाठ किया। यह जानकारी मारवाड़ी महिला सम्मेलन के मीडिया प्रभारी रीना सुरेका ने जारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय बाल विकास प्रकल्प प्रमुख रूपा अग्रवाल ने बताया कि छात्राओं को भारतीय संस्कृति, संस्कार और दैनिक जीवन में मंत्रों के महत्व से जोड़ना ही इस कार्यक्रम का उद्धेश्य है। सुरेका ने बताया कि छात्राओं को सुबह उठकर धरती माता को प्रणाम करने, घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने और स्नान, भोजन और अन्य दैनिक कार्यों के समय निर्धारित मंत्रों का जाप करने के लिए प्रेरित किया।

छात्राओं ने भी इन बातों को नियमित रूप से अपनाने का संकल्प लिया। प्रोजेक्टर चेयरपर्सन बबीता नारसरिया ने बताया कि उसकी देशभर की करीब 700 शाखाएं अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों को मंत्र, श्लोक और भारतीय संस्कृति से जुड़ी अच्छी बातें सिखाने का अभियान चलाएंगी। सम्मेलन की ओर से बताया गया कि 08 मई को पुनः विद्यालय पहुंचकर शुद्ध उच्चारण करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय बाल विकास प्रकल्प प्रमुख रूपा अग्रवाल, रांची शाखा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, छाया अग्रवाल, प्रीति अग्रवाल, ललिता नारसरिया, उषा विजयवर्गीय, कमला विजयवर्गीय सहित बडी संख्या में छात्र और शिक्षक मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar