जगन्नाथपुर रथ मेला में लोक संस्कृति संग जनजागरूकता का दिखा अनूठा संगम
रांची, 23 जुलाई (हि.स.)।
ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित प्रचारात्मक सांस्कृतिक कार्यक्रम के आठवें दिन गुरूवार को लोक संस्कृति और जनजागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। विभाग के पंजीकृत सांस्कृतिक दलों ने झारखंड की लोक परंपराओं के साथ राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों पर आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ खुखुरागढ़ सांस्कृतिक कला केंद्र के कलाकार सुदामा सिंह ने भगवान जगन्नाथ की वंदना से हुआ। इसके बाद मर्दानी झूमर और नागपुरी गीत-नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। परफॉर्मिंग आर्ट सेंटर की नीतू देवी के नेतृत्व में कलाकारों ने नागपुरी गीत-नृत्य के साथ सरकारी योजनाओं पर आधारित प्रचारात्मक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जबकि हीरा नागपुर सांस्कृतिक कला केंद्र के रतन लोहरा के नेतृत्व में नशा मुक्ति विषयक नुक्कड़ नाटक और लोकनृत्य का मंचन किया गया।
इस अवसर पर पद्मश्री मधुमंसूरी हंसमुख ने कहा कि राज्य सरकार और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण के साथ कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। विभाग की ओर से बताया गया कि 24 जुलाई को उरांव लोकगीत-नृत्य और नागपुरी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी, जबकि 25 जुलाई को घूरती रथ मेला के अवसर पर कार्यक्रम का समापन होगा। आयोजन की सफलता में विभागीय टीम के अधिकारियों और कलाकारों की सक्रिय भूमिका रही। इस अवसर पर बड़ी संख्याा में दर्शक सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar