अग्नि दुर्घटनाएं लापरवाही और जागरूकता की कमी के कारण : डॉ सुषमा
देवघर, 04 मई (हि.स.)। अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर 04 मई से 10 मई तक चल रहे जागरूकता अभियान के तहत सदर अस्पताल, देवघर के सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ सुषमा वर्मा ने किया।
कार्यशाला में बताया गया कि इस सप्ताह के दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों, सामुदायिक स्थलों और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। आम लोगों को आग से बचाव के उपाय, आपात स्थिति में किए जाने वाले जरूरी कदम और अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी दी जाएगी। डॉ सुषमा वर्मा ने कहा कि अधिकांश अग्नि दुर्घटनाएं लापरवाही और जागरूकता की कमी के कारण होती हैं। उन्होंने अस्पताल परिसर में अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने, विद्युत उपकरणों की नियमित जांच करने और आपातकालीन निकास मार्ग को हमेशा सुगम बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने समय-समय पर प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित करने की आवश्यकता भी बताई।
डीटीओ डॉ संचयन ने अग्नि सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहनी चाहिए। वहीं जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ मनीष शेखर ने आपदा प्रबंधन के दौरान समन्वय, त्वरित निर्णय और टीम वर्क की महत्ता पर प्रकाश डाला।
डीपीसी प्रवीण सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम स्वास्थ्यकर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम बनाते हैं और सभी से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण से मिली जानकारी को अपने कार्यस्थल और समाज में लागू करें।
कार्यशाला में राजेश रॉय, शंकर दयाल और कासिम अंसारी ने भी अग्नि सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार साझा किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को फायर एक्सटिंग्विशर के प्रकार और उपयोग, आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी (इवैकुएशन प्लान), प्राथमिक उपचार तथा आपदा के समय घबराने के बजाय संयमित ढंग से कार्य करने की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मॉक ड्रिल के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण भी कराया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने की समझ विकसित हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy