मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित धमकी देने वाले वायरल वीडियो पर प्राथमिकी, जांच में जुटी पुलिस
रांची, 15 अगस्त (हि.स.)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित तौर पर जान से मारने और घर उजाड़ने की धमकी देने वाले वायरल वीडियो को लेकर रांची के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन से जुड़े सोशल मीडिया वीडियो के सामने आने के बाद दर्ज किया गया है।
अरगोड़ा थाना क्षेत्र के बुद्ध विहार निवासी सुजीत कुमार कुजूर ने पुलिस को आवेदन देकर वायरल वीडियो की जांच करने और उसमें कथित तौर पर धमकी देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि वीडियो तेजी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन रहा है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इस तरह की सामग्री लोगों को हिंसा के लिए उकसा सकती है और मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास हो सकता है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे कुछ छात्रों से जानकारी ली गई। तस्वीर दिखाए जाने पर छात्रों ने कथित तौर पर उस व्यक्ति की पहचान विश्वजीत के रूप में की।
आवेदन में उसे एक हिंदू संगठन से जुड़ा बताया गया है और उसका पता बोकारो थर्मल क्षेत्र का बताया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को कथित तौर पर उसका मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वायरल वीडियो को मोबाइल फोन में डाउनलोड कर सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा वीडियो की एक कॉपी पेन ड्राइव में भी सुरक्षित रखने की बात कही गई है। वायरल फेसबुक पोस्ट का लिंक भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, फेसबुक के ‘खबर अड्डा’ नामक पेज पर यह वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनके घर में घुसने, जान से मारने और घर उजाड़ने जैसी बातें करता दिखाई दे रहा है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अब वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और वीडियो के वास्तविक संदर्भ की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि वीडियो कब और कहां बनाया गया तथा इसे सोशल मीडिया पर किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया।
फिलहाल वीडियो में लगाए गए आरोपों और व्यक्ति की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे