सरहुल पर उपवास 20 से, सरना स्थल में शाम को रखा जाएगा घड़े में पानी
रांची, 19 मार्च (हि.स.)। प्रकृति पर्व सरहुल 20 मार्च से शुरू हो रहा है। आदिवासी समाज ने पर्व को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। सरना स्थलों पर शाम में पूजा पाठ होगा। पाहन की अगुवाई में कोटवार पईनभोरा कुआं नदी तालाब से जल मिट्टी से बना घड़े में पानी भरेंगे। हातमा सरना स्थल में जगलाल पाहन शाम 7.30 बजे विशेष पूजा करेंगे। इस दिन हातमा तालाब से पाहन के सहयोगी घड़ा में पानी भरेंगे। इसके बाद से हातमा स्थित आसपास के हॉस्टल, मुहल्ले में स्थापित सरना स्थलो में खोड़हा मंडली नाचते गाते पानी लेकर जायेंगे और सरना स्थलो पर रखेंगे।
सिरमटोली सरना स्थल पर रोहित हंस विधिवत तरीके से पूजा पाठ करेंगे। पांच मुर्गों की बलि अर्पित की जाएगी। इसमें लाल, सफेद, माला, गोली और काली मुर्गी शामिल है। इसके साथ ग्राम देवता, सूर्य भगवान, जल देवता, खेत खलिहाल हरा भरा रहे इसके लिए विनती की जाएगी। 21 मार्च को पाहन बारिश होने की भविष्यवाणी करेंगे। दोपहर बाद भव्य सरहुल जुलुस निकाली जायेगी। कचहरी मेन रोड होते हुए सिरमटोली सरना स्थल पहुंचेंगे। वहां सरना स्थल का परिक्रमा करेंगे और मां सरना से विनती करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे