फर्जी पुलिस वालों ने ड्रग्स की जांच बताकर चुरा लिया सोने का जेवर
रामगढ़, 11 अप्रैल (हि.स.)। ठग अक्सर अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए पुलिस के नाम का इस्तेमाल करते रहे हैं। रामगढ़ शहर में भी कुछ ऐसे ही ठगों ने फर्जी पुलिस बनकर लाखों रुपये मूल्य के जेवर चुरा लिए हैं। यह मामला तब उजागर हुआ जब दुकानदार ने अपने सामान को मिलाया, तो पता चला कि लगभग ढाई लाख रुपये के जेवर गायब हो गए हैं। शनिवार को रामगढ़ थाने में पीड़ित पक्ष ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूूत उपलब्ध कराया है।
रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी, चितरपुर निवासी राजेश कुमार रांची जिले के ओरमांझी में जेवर दुकान है। वे 08 अप्रैल को रामगढ़ शहर में जेवर का कुछ काम कराने पहुंचे थे। इसी दौरान चट्टी बाजार में फर्जी पुलिस वाला बनकर ठगों ने उन्हें अपना शिकार बनाया।
राजेश ने बताया कि वह सेठ मुहल्ला जाने वाली गली से जेवर का काम करा कर चट्टी बाजार के राजस्थान कलेवालय की तरफ पैदल जा रहे थे। इस दौरान गणेश राशन दुकान के पास एक व्यक्ति ने उन्हें रोका और कहा कि साहब बुला रहे हैं। बगल की गली में साव होटल के पास जब राजेश उस व्यक्ति के साथ पहुंचे तो देखा कि दो लोग एक व्यक्ति का बैग चेक कर रहे हैं। उन्हें बताया गया कि ड्रग्स की स्मगलिंग शहर में बड़े पैमाने पर बढ़ी हुई है। इसलिए सिविल ड्रेस में पुलिस के अधिकारी जांच कर रहे हैं। उन लोगों ने अपनी पुलिस की आईडी भी दिखाई। जब राजेश का नंबर आया तो उनकी बैग की भी तलाशी ली गई। इसी दौरान बड़ी सफाई से ठगों ने एक पीले रंग के थैले में रखे सोने के जेवर उड़ा लिए। उसे थैली में एक झुमका, एक टॉप्स और एक बाली था, जिसका वजन 13.300 ग्राम था।
राजेश जब ओरमांझी स्थित अपने दुकान पहुंचे तो बैग से सामान निकालने लगे। जब उन्हें जेवर नहीं मिला तो भौचक्के रह गए। वे तुरंत दोबारा रामगढ़ पहुंचे और उस दुकान में गए जहां उन्होंने जेवर का काम कराया था। वहां सीसीटीवी फुटेज में उन्हें पता चला कि जिन लोगों ने उनकी तलाशी ली थी, वह उनका पीछा काफी पहले से कर रहे थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश