रांची विवि में पीएचडी रेगुलेशन-2022 और एसओपी को मिली विशेषज्ञों की सहमति
रांची, 18 जुलाई (हि.स.)। रांची विश्वविद्यालय (विवि) के कुलपति सभागार में शनिवार को पीएचडी रेगुलेशन-2022 के यूजीसी ड्राफ्ट और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता सीपीआरएचई-एनआईईपीए, नई दिल्ली के निदेशक प्रो पीके मिश्रा ने की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से तैयार एसओपी और नए परिनियम पर चर्चा के बाद विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से अपनी दी गई। सामाजिक विज्ञान संकाय के अध्यक्ष और अनुसंधान निदेशक डॉ मो परवेज हसन ने कहा कि कुलपति प्रो सरोज शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में शोध और अनुसंधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी सोच के अनुरूप पीएचडी से संबंधित नई व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे शोध प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनेगी।
बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शिक्षाविदों ने एसओपी और नए परिनियम को शोध की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसकी सराहना की। विशेषज्ञों का मत था कि यह व्यवस्था केवल रांची विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी उपयोगी मॉडल साबित हो सकती है।
बैठक में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के प्रो गुलशन धामीजा, केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान के प्रो बीसी महापात्रा, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की प्रो सीमा धवन सहित कई विशेषज्ञ शामिल थे।
कार्यक्रम में छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो सुदेश कुमार साहू, कुलसचिव डॉ राज कुमार शर्मा, डॉ नीरज कुमार और डॉ राज कुमार सिंह भी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar