रामगढ़ कोर्ट में लगी प्रदर्शनी, नालसा के जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा
रामगढ़, 24 जुलाई (हि.स.)।
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई।
प्रदर्शनी में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मो तौफीकुल हसन, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनिल कुमार मौजूद थे। दोनों न्यायिक पदाधिकारियों ने जागरूकता और आउटरीच अभियान के तहत लगाए गए प्रदर्शनी की सराहना की। पीडीजे मो तौफीकुल हसन ने कहा कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित विभिन्न विधिक सहायता एवं जनहित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
प्रदर्शनी में बताया गया कि नालसा के विभिन्न योजनाओं जैसे महिलाओं और बच्चों के लिए विधिक सेवाएं, वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली विधि सहायता, दिव्यांग तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सहायता, मानव तस्करी पीड़ितों, एसिड हमले के पीड़ितों, आपदा पीड़ितों, बाल हितैषी विधिक सेवाओं की जानकारी सभी को होनी चाहिए। नई योजनाओं से संबंधित पोस्टर, बैनर भी लगाए गए।
प्रदर्शनी देखने के लिए न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, एलएडीसीएस के सदस्य, पैनल अधिवक्ता, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स, न्यायालय कर्मी और बड़ी संख्या में आमजन पहुंचे। उपस्थित लोगों को निःशुल्क सहायता प्राप्त करने की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जिला विधिक सेवा कार्यक्रम द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे विधि समस्याओं के समाधान हेतु डालसा की सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश