काम के दौरान मिस्त्री की करंट लगने से मौत
पश्चिमी सिंहभूम, 06 अगस्त (हि.स.)। जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत दुधबिला पंचायत के बेतेरकेया गांव में गुरुवार को बिजली मरम्मत कार्य के दौरान 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आने से बिजली विभाग में कार्यरत मिस्त्री रवि चाम्पिया की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मुआवजा और आश्रित को सरकारी नौकरी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार, रवि चाम्पिया रोज की तरह सुबह करीब 9:30 बजे 11 हजार वोल्ट के पोल पर चढ़कर बिजली तार जोड़ने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान लाइन में अचानक बिजली प्रवाहित हो गई, जिससे वे करंट की चपेट में आ गए और उनकी झुलस जाने से मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कार्यरत मिस्त्री को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया जाता है और सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया जाता है। प्रदर्शनकारियों ने कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सुबह हुई घटना के कई घंटे बाद तक विभाग की ओर से संतोषजनक लिखित आश्वासन नहीं दिया गया, जिसके बाद बिना मांग पूरी किए ही शव को उठाया गया।
आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मी के परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शुक्रवार को विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कार्यपालक अभियंता, चाईबासा से बातचीत के दौरान प्रारंभिक सहायता राशि के रूप में 20 हजार से 50 हजार रुपये देने की बात कही गई। साथ ही मृतक के आश्रित को 10 लाख रुपये मुआवजा और मृतक के कार्यस्थल पर परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया। घटना के दौरान पुलिस प्रशासन, बिजली विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद थेे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक