रेरा के प्रभावी क्रियान्वयन से रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ा है विश्वास : नीरज
रांची, 09 मई (हि.स.)। दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के कमेटी फॉर मेंबर्स इन प्रैक्टिस के तत्वावधान में और रांची शाखा सीआईआरसी ऑफ आईसीएआई की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया।
शनिवार को होटल रामाडा में आयोजित सेमिनार का विषय रांची के जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट एंड प्रैक्टिकल आस्पेक्ट्स ऑफ़ इनकम टैक्स ऑन रियल एस्टेट था।
कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
सेमिनार के उद्धघाटन मुख्य अतिथि और इंस्टिट्यूट के सेंट्रल इंडिया रीजनल कौंसिल के अध्यक्ष सीए अंकुर गोयल, विशिष्ट अतिथि नीरज कुमार श्रीवास्तव, ओएसडी, झारखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी पंकज चौधरी, पूर्व अध्यक्ष झारखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी और पंचरत्न कंस्ट्रक्शन के प्रतीक मोरे ने किया।
निरंतर अध्ययन एवं प्रशिक्षण ही पेशेवर सफलता की कुंजी : सीए अंकुर
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सीए अंकुर गोयल ने कहा कि रियल एस्टेट और कराधान के बदलते परिवेश में निरंतर अध्ययन एवं प्रशिक्षण ही पेशेवर सफलता की कुंजी है।
इंस्टिट्यूट के रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अनिश जैन ने स्वागत भाषण में कहा कि जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट और रियल एस्टेट पर आयकर के व्यावहारिक पहलुओं समसामयिक विषय आज के प्रोफेशनल परिवेश में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तकनीकी सेमिनार न केवल सदस्यों के ज्ञान और दक्षता को बढ़ाते हैं, बल्कि बदलते कानून एवं व्यावहारिक चुनौतियों को समझने का सशक्त मंच भी देते हैं।
वहीं विशिष्ट अतिथि नीरज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि रेरा के प्रभावी क्रियान्वयन से रियल एस्टेट क्षेत्र में विश्वास और जवाबदेही बढ़ी है। उन्होंने प्रोफेशनल्स से रेरा अनुपालन के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं उद्योग को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उद्धघाटन सत्र को पंकज चौधरी और प्रतीक मोर ने भी सम्बोधित किया।
ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (जेडीए) की सही संरचना बेहद जरूरी : सीए आनंद
सेमिनार के प्रथम तकनीकी सत्र में सीए आनंद जैन, इंदौर ने जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट एवं रेरा की प्रयोज्यता विषय पर विस्तृत तथा व्यवहारिक प्रस्तुति दी। उन्होंने जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट की संरचना, डेवलपर और भूमि स्वामी के मध्य करार की महत्वपूर्ण शर्तों एवं उससे उत्पन्न होने वाले कर एवं कानूनी प्रभावों को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने रेरा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण, अनुपालन और दायित्वों पर भी प्रकाश डाला। सीए आनंद जैन ने कहा कि वर्तमान रियल एस्टेट परिवेश में ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (जेडीए) की सही संरचना और विधिक अनुपालन अत्यंत आवश्यक हो गया है।
दूसरे तकनीकी सत्र में सीए पंकज सरावगी, नई दिल्ली ने इनकम टैक्स ऑन रियल एस्टेट ट्रांसक्शन्स विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने रियल एस्टेट लेन-देन में आयकर के विभिन्न प्रावधानों, पूंजीगत लाभ, टीडीएस, धारा 43सीए, 50सी सहित अन्य महत्वपूर्ण धाराओं की विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने बताया कि रियल एस्टेट सेक्टर में कर नियोजन और अनुपालन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है एवं छोटी त्रुटियां भी बड़े विवाद का कारण बन सकती हैं।
व्यावहारिक केस स्टडी एवं नवीनतम संशोधनों के माध्यम से उन्होंने विषय को अत्यंत रोचक एवं उपयोगी बनाया।
सेमिनार का संचालन सीए अनूप कुमार और सीए शिखा सुरेका ने किया।
सेमिनार में रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए विवेक खोवाल, कोषाध्यक्ष सीए हरेन्दर भारती और कार्यकारिणी सदस्य सीए अभिषेक केडिया सहित 125 से ज्यादा चार्टर्ड एकाउंटेंट्स उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak