झारखंड के दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को मिलेगी नई दिशा, ‘निपिड दिशा पाठ्यक्रम पर प्रशिक्षण शुरू

 


रांची, 15 अगस्त (हि.स.)। झारखण्ड में पहली बार बौद्धिक और विकासात्मक दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को अधिक प्रभावी, एकरूप एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से ‘निपिड दिशा पाठ्यक्रम’ को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इसके अंतर्गत राज्य के लगभग 400 संसाधन शिक्षकों के लिए चार चरणों में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम के विकास, मानकीकरण और विभिन्न राज्यों में इसके प्रभावी एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन में मेजर (डॉ) बीवी राम कुमार, निदेशक, निपिड, सिकन्दराबाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके मार्गदर्शन में विकसित यह पाठ्यक्रम बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप एक वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक शिक्षण मॉडल के रूप में स्थापित हुआ है।

यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (निपिड), सिकन्दराबाद के क्षेत्रीय कार्यालय, नोएडा की ओर से समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केन्द्र (सीआरसी), रांची के राज्य शिक्षा परियोजना परिषद और यूनिसेफ, झारखण्ड के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ 31 जुलाई 2026 को झारखण्ड शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के डायट परिसर, रातू, रांची में किया गया था।

शनिवार को आयोजित उद्घाटन सत्र में निपिड, क्षेत्रीय कार्यालय, नोएडा के संकाय सदस्य डॉ वसीम अहमद, सीआरसी, रांची के निदेशक सूर्यमणि प्रसाद, यूनिसेफ, झारखण्ड की चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट प्रीति श्रीवास्तव, झारखण्ड राज्य शिक्षा परियोजना परिषद के समावेशी शिक्षा समन्वयक अरविन्द कुमार सहित परिषद के सलाहकार संजीव तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (निपिड), सिकन्दराबाद की ओर से विकसित एवं अनुमोदित ‘दिशा’ पाठ्यक्रम देश के 10 राज्यों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। अब झारखण्ड भी इस राष्ट्रीय पहल से जुड़ने वाला नया राज्य बन गया है, जिससे राज्य में बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को नई दिशा मिलने की अपेक्षा है।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में निपिड क्षेत्रीय कार्यालय, नोएडा एवं सीआरसी, रांची के विशेषज्ञों की ओर से प्रतिभागियों को ‘निपिड दिशा पाठ्यक्रम’, समावेशी शिक्षण पद्धतियों, कक्षा-कक्ष आधारित शिक्षण रणनीतियों तथा व्यवहारिक प्रशिक्षण के विभिन्न आयामों पर प्रशिक्षण देंगे।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशिक्षण प्राप्त प्रत्येक संसाधन शिक्षकों को उनके विद्यालयों में अध्ययनरत बौद्धिक और विकासात्मक दिव्यांग बच्चों की संख्या के अनुरूप ‘दिशा’ शिक्षण सामग्री एवं वर्कशीट्स उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रशिक्षण का लाभ सीधे बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों तक पहुंचेगा और राज्य में विशेष एवं समावेशी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak