भुवनेश्वर में कल पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक, कानून-व्यवस्था और साइबर अपराध पर होगा मंथन

 


रांची, 06 जुलाई (हि.स.)। पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (ईस्टर्न जोनल काउंसिल-ईजेडसी) की स्थायी समिति की 15वीं बैठक मंगलवार (07 जुलाई) को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित होगी। बैठक में झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित परिषद से जुड़े सदस्य राज्यों के पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भाग लेंगे। झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा भी इसमें शामिल होंगी।

बैठक में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराध पर नियंत्रण, महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस-112) तथा फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (एफटीएससी) की प्रगति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा सदस्य राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने और साझा रणनीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना की प्रगति बैठक के प्रमुख एजेंडों में शामिल है। वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है। केंद्र सरकार ने योजना को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ाया है, जिसके लिए 1,952.23 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 1,207.24 करोड़ रुपये है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2024 तक देशभर में 754 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट संचालित हो रहे थे, जिनमें 409 विशेष पॉक्सो अदालतें शामिल हैं। इन अदालतों ने अब तक 2.42 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है। पूर्वी क्षेत्रीय परिषद से जुड़े राज्यों में वर्तमान में 115 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट कार्यरत हैं, जिनमें 88 विशेष पॉक्सो अदालतें शामिल हैं।

बैठक में झारखंड सरकार अपने तीन नवाचारी और उत्कृष्ट कार्यों की प्रस्तुति भी देगी। प्रत्येक विषय पर लगभग 10 स्लाइड की पावर प्वाइंट प्रस्तुति तैयार की गई है, जिसके माध्यम से राज्य की प्रमुख उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी साझा की जाएगी। इसके साथ ही परिषद की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट और लंबित एजेंडा बिंदुओं की अद्यतन स्थिति भी प्रस्तुत की जाएगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य सदस्य राज्यों के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करना तथा कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा और अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे