आईसीएसएसआर की सीनियर फेलोशिप के लिए डॉ अमर कुमार का चयन
रांची, 21 सितंबर (हि.स.)। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) नई दिल्लीष की ओर से दी जानेवाली प्रतिष्ठित सीनियर फेलोशिप के लिए डॉ अमर कुमार का चयन किया गया है। डॉ अमर कुमार ने रांची विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है।
उनके चयन की जानकारी मिलने के बाद शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है।
डॉ अमर कुमार का चयन सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में उनके शोध कार्य, अकादमिक उपलब्धियाें और शोध अनुभव के आधार पर किया गया है। आईसीएसएसआर की सीनियर फेलोशिप सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देनेवाले शोधकर्ताओं को दी जाती है। डॉ कुमार ने देश के महान समाजशास्त्री प्रो योगेन्द्रा सिंह पर अपना शोधकार्य किया है।
उनकी पुस्तक योगेंद्र सिंह का समाजशास्त्र रावत प्रकाशन जयपुर की ओर से प्रकाशित है। उन्हें राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करने का अनुभव भी है। उनके अनेकों शोध आलेख प्रकाशित हैं।
बिहार के वैशाली के मूल निवासी डॉ अमर कुमार ने कुंवर राम भरोसे सिंह महाविद्यालय उन्नाव, मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला पीजी कॉजेल बाराबंकी और डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वलविद्यालय लखनऊ के समाजशास्त्र विभाग में अपनी सेवा दे चुके हैं। इन्हें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।
उल्लेखनीय है कि आईसीएसएसआर शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत देश को सामाजिक विज्ञान अुनसंधान को प्रोत्सावहित करने वाली राष्ट्रीय संस्थाा है। इस संस्था की ओर से राष्ट्रीय योजनाओं के माध्यम से शोध को बढ़ावा दिया जाता है। नेशनल फेलोशिप के चयन में आईसीएसएसआर की ओर से दो बार आवेदन की स्क्रीनिंग होती है और उसके बाद साक्षात्कार होता है जिसके माध्याम से देश में गिने-चुने लोगों को यह फेलोशिप दिया जाता है।
डॉ अमर कुमार ने अपने चयन के लिए आईसीएसएसआर प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फेलोशिप सम्मावन के साथ-साथ सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में और बेहतर शोध करने की जिम्मेदारी है। यह सम्मान रांची विश्वविद्यालय झारखंड के सामाजशास्त्र् विभाग के शिक्षक, कुंवर राम भरोसे सिंह विश्वविद्यालय उन्नाव, मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला पीजी कॉजेल बाराबंकी के सभी शिक्षक और डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वसविद्यालय लखनऊ के कार्यरत प्रत्येक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी सहकर्मी का प्रतिफल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak