झारखंड में मेडिकल टूरिज्म को बढावा देगी राज्य सरकार : इरफान
रांची, 01 अक्टूबर (हि.स.)।
झारखंड हेल्थ कॉन्क्लेव-2026 के दो दिवसीय आयोजन का गुरुवार को समापन हुआ। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा पर काम किया जाएगा। ताकि आनेवाले समय में झारखंड में दूसरे राज्यों के मरीज भी इलाज कराने के लिए आ सकें। विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से राज्य के मरीजों को बाहर जाने की जरूरत कम होगी।
उन्होंने कहा कि दुनिया जिस गति से हाईटेक तकनीक अपना रही है, झारखंड भी उसी गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड हेल्थस कॉन्लेव राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीएचसी, सीएचसी, रेफरल अस्पताल, सदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में आईसीयू, वेंटिलेटर, एमआरआई, सीटी स्कैन और रेडियोलॉजी जैसी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। उनका लक्ष्य झारखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा करना है। गरीब मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े, इसके लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से मजबूत किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेली-आईसीयू और टेली-रेडियोलॉजी जैसी तकनीकों के माध्यम से सुदूर, पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। एआई का उद्देश्य डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का विकल्प बनना नहीं, बल्कि उनकी क्षमता और पहुंच को बढ़ाना होना चाहिए। डिजिटल हेल्थ का सबसे बड़ा लाभ दूरदराज के मरीजों को मिलना चाहिए।
मंत्री ने कॉन्क्लेव में शामिल देश-विदेश के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, स्वास्थ्य क्षेत्र की कंपनियों और निवेशकों का आभार जताते हुए कहा कि उनके सुझावों और प्रस्तुतियों को गंभीरता से समझा गया है। उपयोगी सुझावों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा। कॉन्क्लेव में मिली तकनीक और विशेषज्ञता को अब जमीन पर उतारना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है।
मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों का स्वागत करते हुए अस्पताल, मेडिकल संस्थान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास को प्रोत्साहित करने की बात कही।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, अस्पतालों और आईसीयू बेड की कमी को चुनौती बताते हुए डिजिटल तकनीक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया।
एनएचए के सीईओ डॉ सुनील कुमार बरनवाल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के साथ डिजिटल हेल्थ सेवाओं के एकीकरण पर जानकारी दी। विशेष सचिव डॉ नेहा अरोड़ा डिजिटल हेल्थ पोर्टल और एआई आधारित हेल्थ ट्रांसफॉर्मेशन की संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। एनएचए के अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह ने डिजिटल स्वास्थ्य पोर्टलों की जानकारी देते हुए झारखंड में एआई आधारित हेल्थ ट्रांसफॉर्मेशन की संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया।
इस अवसर पर कई डॉक्टर विशेषज्ञ, व्यवसायी सहित अधिकारी-पदाधिकारी और अन्य लोग मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar