बैद्यनाथ धाम में पारदर्शी व्यवस्था और देवघर में भू-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग

 


देवघर, 12 अगस्त (हि.स.)।

पंडा धर्मरक्षिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भाजपा नेता चंद्रशेखर खवाड़े ने राज्यपाल संतोष गंगवार से लोक भवन, झारखंड में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को अपनी स्वलिखित पुस्तक बाबा बैद्यनाथ धाम दिव्य कथा भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने जनहित से जुड़े दो महत्वपूर्ण विषयों को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई और संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देने का आग्रह किया।

पहले ज्ञापन में बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर की व्यवस्था को देश का सर्वश्रेष्ठ, पारदर्शी, आधुनिक और श्रद्धालु हितैषी धार्मिक संस्थान बनाने से संबंधित कई सुझाव दिए गए हैं। इसमें मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मंदिर की आय-व्यय एवं दान का नियमित सार्वजनिक विवरण जारी करने तथा स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की गई है।

ज्ञापन में दान और चढ़ावे की गणना प्रशासनिक अधिकारी की उपस्थिति में सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल रिकॉर्डिंग के साथ कराने, मंदिर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आय-संपत्ति का नियमानुसार सत्यापन करने तथा मंदिर कल्याण कोष में प्राप्त दान और उसके उपयोग का वार्षिक विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी शामिल है।

इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए मंदिर की प्रोटोकॉल व्यवस्था के नियम स्पष्ट रूप से प्रकाशित करने, दान राशि से निःशुल्क प्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था, मंदिर शिखर पर स्थापित ध्वनि-विस्तारक प्रणाली के नियमित रखरखाव, बाबा को अर्पित पवित्र जल, पुष्पों के सम्मानजनक व वैज्ञानिक प्रबंधन तथा मंदिर कर्मचारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड लागू करने का सुझाव दिया गया है।

दूसरे ज्ञापन में देवघर में कथित रूप से बढ़ रही भू-माफिया गतिविधियों, दलाली, अवैध कब्जे, फर्जी दस्तावेज और भूमि विवादों का मुद्दा उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि भूमि की खरीद-बिक्री और विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों में कथित दलाली के कारण आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का वातावरण बन रहा है।

विशेष रूप से कॉरिडोर के नाम पर कथित तौर पर फैलाई जा रही अफवाहों और अनिश्चितता का लाभ उठाकर लोगों की जमीन और मकान औने-पौने दाम पर खरीदने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

ज्ञापन में देवघर में सक्रिय कथित भू-माफियाओं और उनके संरक्षणकर्ताओं की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, पिछले वर्षों में संदिग्ध तरीके से अर्जित चल-अचल संपत्तियों और आय के स्रोतों का सत्यापन तथा सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों में व्याप्त कथित दलाली तंत्र की जांच की मांग की गई है।

इसके साथ ही कॉरिडोर के नाम पर अफवाह फैलाकर भूमि की खरीद-बिक्री या भयादोहन करने वाले लोगों की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज करने, भूमि माफिया, फर्जी रजिस्ट्री, अवैध कब्जे और भू-अपराध से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने एवं पीड़ित नागरिकों एवं शिकायतकर्ताओं को आवश्यक सुरक्षा देने करने का आग्रह किया गया है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान यदि किसी जनप्रतिनिधि, अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी बिना किसी भेदभाव के विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।

चंद्रशेखर खवाड़े ने कहा कि दोनों ज्ञापनों का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या कर्मचारी को लक्ष्य बनाना नहीं, बल्कि बाबा बैद्यनाथ धाम की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता, सुशासन और देवघर की आम जनता के हितों की रक्षा करना है।

उन्होंने राज्यपाल से दोनों विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आग्रह किया, ताकि बाबा बैद्यनाथ धाम को देश के सबसे पारदर्शी एवं श्रद्धालु हितैषी धार्मिक स्थलों में स्थापित किया जा सके और देवघर में कथित भू-माफिया एवं दलाली तंत्र पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy