रामगढ़ कॉलेज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय में वाद-विवाद प्रतियोगिता

 


रामगढ़, 18 जुलाई (हि.स.)। बदलते तकनीकी दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव और शिक्षा जगत पर उसके असर को लेकर रामगढ़ महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में शनिवार को वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता का विषय था, क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता विद्यार्थियों के आलोचनात्मक सोच का स्थान ले रही है। महाविद्यालय में विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से गठित लिटरेरी सोसाइटी के अंतर्गत संचालित डिबेट क्लब ने प्रतियोगिता का आयोजन किया। कार्यक्रम का संयोजन अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष और डिबेट क्लब की समन्वयक डॉ मालिनी डीन ने किया।

प्रतियोगिता में विभिन्न विभागों के सेमेस्टर-दो के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रस्तुति के आधार पर राजनीति विज्ञान विभाग की पिंकी कुमारी ने प्रथम, अंग्रेजी विभाग की शाहीन परवीन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। तृतीय स्थान संयुक्त रूप से अर्थशास्त्र विभाग की अलीशा वकील, बीसीए के मनीष कुमार तथा वाणिज्य विभाग के मोहित कुमार को मिला।

कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो विमल मिश्रा ने कहा कि केवल ज्ञान अर्जित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपनी संवाद शैली, भाषा पर पकड़ और तार्किक अभिव्यक्ति को निरंतर विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने और प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित कराने के लिए महाविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ प्रीति कमल, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ बलवंती मिंज, कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष प्रेमचंद के अलावा डॉ रामाज्ञा सिंह, विजेता तिग्गा, साजिद हुसैन सहित महाविद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

प्रतियोगिता में सायमा नसरीन, सूफिया नाज़, उत्कर्ष कुमार, पूनम कुमारी, दीक्षा कुमारी, आर्यन, वंदना, सक्षम दुबे उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश