श्रीराम पावर प्लांट सील, फर्नेस ब्लास्ट जांच में उजागर हुईं कमियां
रामगढ़, 25 अगस्त (हि.स.)। रामगढ़ जिले की फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही से मजदूरों की जान अब नहीं जाएगी। रामगढ़ डीसी ऋतुराज ने फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से बरती जा रही लापरवाही की गहनता से जांच कराना शुरू कर दिया है। जांच में सबसे पहले रामगढ़ के कुज्जू ओपी क्षेत्र अंतर्गत श्रीराम पावर प्लांट एंड स्टील फैक्ट्री कोसील कर दिया गया गया। इस फैक्ट्री में उत्पादन और संचालन बंद कर दिया गया है।
इस फैक्ट्री में फर्नेस ब्लास्ट की जब जांच हुई तो अग्नि सुरक्षा में भारी कमी उजागर हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीसी ऋतुराज ने तत्काल कार्रवाई की। इसके साथ ही रामगढ़ जिले में संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों की जांच करने का निर्देश उन्होंने जारी कर दिया है। अगले एक महीने के अंदर कमेटी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। साथ ही नियमों का अनुपालन नहीं करने वाले इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई का संकेत भी डीसी ने दे दिया है।
मेसर्स श्री राम पावर एवं स्टील फैक्ट्री में फर्नेस ब्लास्ट की घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति ने अपना विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप दी है। एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की की ओर से सौंपी गई जांच रिपोर्ट में फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से औद्योगिक और अग्नि-सुरक्षा मानकों की अनदेखी एवं आपराधिक लापरवाही उजागर हुई है।
जांच में ब्लास्ट फर्नेस स्थल पर अग्नि-सुरक्षा और आपातकालीन उपकरणों की कमी पाई गई। ओ-3 डीसीपी और ओ-2 सीओ-2 अग्निशमन यंत्र खराब मिले। विद्युत पैनल बोर्ड के पास कोई अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं था। फैक्ट्री में निर्धारित अग्नि-सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था का अभाव पाया गया।
रिपोर्ट के आलोक में डीसी ने कारखाना निरीक्षक को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सुरक्षा प्रावधानों का पालन न करना प्रबंधन की घोर लापरवाही को दर्शाता है। फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध सीजेएम के समक्ष चार्ज शीट दाखिल कर दी गई है। इसके बाद इस संबंध में नियम अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सक्षम प्राधिकार के माध्यम से प्रचलित औद्योगिक एवं सुरक्षा अधिनियम, नियमों के तहत फैक्ट्री का संचालन एवं उत्पादन बंद कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि श्रमिकों एवं कामगारों की सुरक्षा में लापरवाही करने वाले किसी भी औद्योगिक प्रतिष्ठान के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोरतम दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि डीसी ने कारखाना निरीक्षक, श्रम अधीक्षक एवं अग्निशमन पदाधिकारी को अगले एक माह में जिले में संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर वहां कारखाना संचालन से संबंधित सभी मानकों के अनुपालन की जांच करने एवं जिन कारखाने में मानकों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है उन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश