अवैध खनन पर सख्ती, संयुक्त छापेमारी तेज करने का निर्देश
चतरा, 30 जुलाई (हि.स.)। चतरा जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर अब और सख्ती बरती जाएगी। समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई की समीक्षा की गई। कार्रवाई की रफ्तार अपेक्षा से धीमी मिलने पर उपायुक्त ने नियमित संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला खनन पदाधिकारी मनोज टोप्पो ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध 17 वाहन जब्त किए गए हैं और 13 प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं पकड़े गए 68 वाहनों से 23.24 लाख रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया है। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 76 वाहन जब्त, 30 प्राथमिकी दर्ज तथा 78 वाहनों से 13.14 लाख रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया था।
उपायुक्त ने कहा कि एनजीटी के निर्देशानुसार 10 जून से 15 अक्टूबर तक कैटेगरी-एक बालू घाटों से बालू खनन और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद इटखोरी, गिद्धौर, हंटरगंज और मयूरहंड से अवैध बालू उठाव की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को नदी घाटों पर लगातार निगरानी रखने और अवैध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि सीसीएल पिपरवार के सहयोग से टंडवा के कोइलारा स्थित अवैध कोयला खदानों के मुहानों को भर दिया गया है। लुर्कइया क्षेत्र के निरीक्षण में दोबारा अवैध खनन के प्रमाण नहीं मिले। उपायुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए खनिज संपदा की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत निगरानी पर जोर दिया।
उन्होंने सीसीएल की सभी परियोजनाओं को कोयला परिवहन में लगे वाहनों का बीटीडी पंजीकरण वेब एप्लीकेशन के माध्यम से शीघ्र पूरा करने और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को बिना सीटीई और सीटीओ संचालित क्रशर इकाइयों, ईंट भट्ठों एवं अन्य खनन गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में संबंधित अधिकारी माैजूद थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / जितेन्द्र तिवारी