जमीन कब्जा करने की शिकायत पर उपायुक्त ने किया लापुंग और हेहल सीओ को शोकॉज
रांची, 04 मई (हि.स.)। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को जल्द निष्पादन करने के निर्देश दिया।
जनता दरबार में तुपुदाना निवासी बुजुर्ग भोलाराम, जिनका पेंशन नवंबर 2024 से बंद था, जनता दरबार में गुहार लगाने के बाद उन्हें राहत मिली। उपायुक्त के निर्देश पर हुई जांच में आधार सीडिंग की कमी सामने आई, जिसे तत्परता से ठीक कराया गया। परिणामस्वरूप उनका पेंशन पुनः नियमित हुआ।
वहीं हेहल अंचल के आलोक कुमार ने अपने पुत्र के लिए ईडब्लूलएस प्रमाण पत्र के लिए दिया गया। इसपर उपायुक्त के निर्देश के बाद अंचल कार्यालय ने सभी दस्तावेजों की जांच कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
राजस्व अभिलेख में छेड़छाड़ की शिकायत पर जांच के आदेश
सोनाहातू अंचल के गणेश महतो की ओर से पंजी-2 में कथित छेड़छाड़ की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने अंचल अधिकारी को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट कराने का निर्देश दिया।
भू-माफियाओं की गतिविधियों पर निरंतर रखें निगरानी
इधर, लापुंग अंचल में फर्जी कागजात के आधार पर जमीन कब्जा करने की शिकायत पर समय पर कार्रवाई नहीं करने पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अंचल अधिकारी को शो-कॉज करने का निर्देश दिया। इसी प्रकार, हेहल अंचल में शीला गाड़ी की ओर से आय प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण उनके पुत्र का नामांकन बाधित होने की शिकायत पर भी संबंधित अंचल अधिकारी को शोकॉज करने का निर्देश दिया गया।
फर्जी तरीके से जमीन बिक्री और म्यूटेशन पर रोक लगाने के लिए आपत्ति पर कार्रवाई नहीं करने पर जिला उपायुक्त ने ईटकी अंचल के राजस्व कर्मचारी को शोकॉज करने का निर्देश दिया। मामला ईटकी अंचल के कुन्दी मौजा से संबंधित है, जिसे लेकर सेवानिवृत्त शिक्षक ने जनता दरबार में आवेदन दिया था।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भू-माफियाओं की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखें, राजस्व अभिलेखों की नियमित जांच सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की अवैध कब्जे की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकारी जमीन की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर आवेदन पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आम नागरिकों का विश्वास प्रशासन पर और मजबूत हो सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak